हरियाणा के रोहतक बम ब्लास्ट मामले में आज कोर्ट ने फैसला सुन दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव ने 1997 के मामले में आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा (Abdul Karim Tunda) को बरी कर दिया है। अदालत ने फैसला सुनाया कि टुंडा के खिलाफ अपर्याप्त सबूत थे। टुंडा को सुरक्षा कारणों की वजह से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था। 1996 सोनीपत बम कांड मामले में वो अब अजमेर सेंट्रल जेल में कैद है।
टुंडा पर दो बम हमले करने का आरोप था। जब मैं लगभग 26 वर्ष पुराने मामले में इस पर कई अदालती सुनवाई हुई थी। सोमवार को वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला ले लिया था। बरी होने पर टुंडा शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में पेश हुआ। हालांकि, उन्हें जेल से रिहा नहीं किया जाएगा, क्योंकि उस पर कई और आरोप हैं।
Rohtak, Haryana | Terrorist Abdul Karim Tunda acquitted in 1997 Paniat bomb blast case by court of Addl Sessions Judge Rajkumar Yadav for lack of evidence. He was presented before the court via video conferencing. He's lodged in Ajmer Central Jail in 1996 Sonipat Bomb Blast case.
— ANI (@ANI) February 17, 2023
There were two cases against him. Court acquitted him in both. Police couldn't prove any of the allegations they had levelled against him. These blasts took place in 1997: Vineet Verma, Abdul Karim Tunda's lawyer
— ANI (@ANI) February 17, 2023
Tunda is convicted&serving life imprisonment in 1996 Sonipat blast pic.twitter.com/VfID6TF57t
रोहतक में हुए थे दो धमाके
आपको याद दिला दें कि 1997 में रोहतक में दो बम धमाके हुए थे। पहला बम पुरानी सब्जी मंडी में एक रेहड़ी वाले के यहां हुआ। दूसरा धमाका किला रोड पर हुआ। इसकी चपेट में आने से कई लोगों को गंभीर चोटें आई थीं। इसी पैटर्न में देश के कई अन्य शहरों में भी ब्लास्ट हुआ था।
2013 में हुआ था गिरफ्तार
टुंडा (Abdul Karim Tunda) पर पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों की मदद से भारत में आतंक की तैयारी करने का आरोप है। 2013 में वो नेपाल के रास्ते भारत जा रहा था जब उसे सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया था। तब से वो जेल में है।
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