पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच जारी लड़ाई के बाद सीजफायर का फैसला कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष को रास नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया से लेकर मेनस्ट्रीम मीडिया पर पीएम मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी नेता बयानबाजी और उन्हें घेरने में लगे है। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस इंदिरा गांधी से तुलना करते हुए सीजफायर के फैसले को गलत ठहरा रहे है।
कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष की आपत्ति इस बात को लेकर भी है कि, आखिर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सीजफायर की घोषणा क्यों की। इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस बेहद आक्रामक है। वे लगातार सवाल पूछ रहे है कि, क्या जिस उद्देश्य से पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई शुरू के गई थी वह अंजाम तक पहुंचा? जाहिर है सीजफायर को लेकर एक तरफ कांग्रेस जहां पीएम मोदी और केंद्र की सरकार पर हमलावर है तो उनके ही एक सांसद ने सरकार और सेना के सीजफायर के फैसले का बचाव किया है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि, मैं इसे एक खास राजनेता की तरह देखता हूँ जो किसी चीज़ का श्रेय लेना चाहता है, और मैं देख सकता हूँ कि भारत सरकार ने शायद कहा होगा। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि, अगर वे चाहते हैं तो उन्हें श्रेय लेने दें, लेकिन हमारे दृष्टिकोण से, हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि शांति पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) के अनुरोध के बाद हुई है, जिन्होंने दोपहर 3:35 बजे अपने भारतीय समकक्ष को फोन किया था। और हमें हाँ कहने में बहुत समय नहीं लगा – क्योंकि हम कभी भी लंबा युद्ध नहीं चाहते थे। हमने 7 मई को यह स्पष्ट कर दिया था कि हमने जो किया था वह पहलगाम के प्रतिशोध में आतंकवादी ठिकानों पर हमला करना था, और आखिरी चीज जो हम चाहते थे वह यह नहीं थी कि इसे एक लंबे, दीर्घ संघर्ष की शुरुआत के रूप में देखा जाए।
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