New Delhi: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने सोमवार को शीर्ष अदालत के लिए दो मुख्य न्यायधीशों को शपथ दिलाई। राष्ट्रपित द्रौपदी मूर्मू ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जस्टिस राजेस बिंदल और जस्टिस अरविंद कुमार की नियुक्ति के लिए हस्ताक्षर कर दिए हैं। सोमवार सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया था। दोनों मुख्य न्यायधीशों को शपथ दिलाई गई। शुक्रवार को कानून मंत्री किरेन रिजिजू अपने ट्वीटर हैंडल पर दोनों जजों के नामों की घोषणा की थी।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायधीशों की क्षमता पूरी
शीर्ष अदालत के कॉलेजियम ने 31 जनवरी को पद्दोन्नति के लिए केंद्र से न्यायधीशों के नाम की शिफारिस की थी। पिछले हफ्ते पांच न्यायधीशों ने अपनी पद्दोन्नति के बाद सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश के रूप में शपथ ली। शपथ के बाद सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायधीश सहित 34 न्यायधीशों की अपनी पुरी क्षमता हासिल कर चूका है।
जस्टिस बिंदल ने 11 अक्टूबर, 2021 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के (Supreme Court) रूप में कार्यभार संभाला था। उन्होंने 1985 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में अपना करियर की शुरूआत की थी। बिंदल को 22 मार्च, 2006 को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट में रिटायरमेंट की उम्र है 65 वर्ष
हाई कोर्ट के जजों के रिटायर होने की उम्र 62 साल है। सुप्रीम कोर्ट में यह उम्र 65 साल है। जस्टिस बिंदल का जन्म 16 अप्रैल, 1961 को हुआ था। इस साल अप्रैल में 62 साल होने पर उन्हें हाई कोर्ट का पद छोड़ना था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में उनकी नियुक्ति के कारण अब उनका कार्यकाल 3 साल के लिए बढ़ा दिया गया है। जस्टिस कुमार का जन्म 1962 में हई थी। वे जुलाई 2023 में 61 साल के हो जाएंगे।
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