आयुष्मान भारत योजना की मूल संरचना परिवार को एक इकाई मानने पर आधारित है। अक्सर लोग यह सोच लेते हैं कि प्रत्येक सदस्य के अलग कार्ड बन जाने से सभी को पाँच लाख रुपये का अलग-अलग बीमा मिलता है, लेकिन योजना का नियम इसके बिल्कुल विपरीत है। परिवार के सभी सदस्यों के पास पहचान के लिए भले ही अलग कार्ड हों, पर बीमा कवर हमेशा सामूहिक रूप से एक ही फैमिली फ़्लोटर कवर के रूप में लागू होता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक ही सीमा से सभी सदस्यों का उपचार वर्ष भर में पूरा हो सके।
अलग कार्ड का अर्थ अलग बीमा नहीं
आयुष्मान कार्ड वास्तव में सदस्य की पहचान का माध्यम है, बीमा कवर का निर्धारक नहीं। इसीलिए चाहे परिवार में तीन सदस्य हों या आठ, सभी का कार्ड अलग-अलग बनाया जा सकता है, पर कवर वही पाँच लाख रुपये ही रहता है। यह राशि सभी पर संयुक्त रूप से लागू होती है। उदाहरणस्वरूप, यदि पत्नी के उपचार पर तीन लाख रुपये खर्च होते हैं और बेटे के उपचार पर डेढ़ लाख रुपये की आवश्यकता पड़ती है, तो यह पूरा खर्च एक ही कवर में समाहित किया जाता है। इस व्यवस्था से परिवार के किसी भी सदस्य के इलाज पर आने वाला व्यय उसी एक सीमा में गिना जाता है।
कार्ड अलग क्यों बनाए जाते हैं
कार्डों का अलग-अलग जारी होना केवल सुविधा, पहचान और दस्तावेज़ सत्यापन से जुड़ी आवश्यकता है। कई बार परिवार के सदस्यों की आयु, आधार संख्या, फोटो या पते में अंतर होता है, जिसके कारण अलग कार्ड बनाकर अस्पतालों में पहचान की प्रक्रिया को सहज बनाया जाता है। इससे चिकित्सा संस्थान बिना भ्रम के त्वरित उपचार शुरू कर सकते हैं। लेकिन यह व्यवस्था बीमा राशि को विभाजित नहीं करती, इसलिए कार्डों की संख्या बढ़ने से कवर नहीं बढ़ता।
राज्यों में अतिरिक्त कवर से जुड़ी पहलें
कुछ राज्यों ने वरिष्ठ नागरिकों, विशेषकर 70 वर्ष से अधिक आयु वाले पात्र व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कवर की पहल की है। यह कवर भी व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि सामूहिक श्रेणी के रूप में दिया जाता है। चूँकि यह राज्यों की नीतियों पर आधारित है, इसलिए इसके नियम हर स्थान पर अलग-अलग हो सकते हैं। संदेह होने पर संबंधित राज्य की आयुष्मान हेल्पलाइन द्वारा विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
परिवार आधारित स्वास्थ्य सुरक्षा का मूल उद्देश्य
आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य परिवार के सभी सदस्यों को एक ही सुरक्षा छतरी के नीचे रखना है। अलग कार्ड की सुविधा केवल पहचान और सेवा को सरल बनाने के लिए है, न कि व्यक्तिगत स्तर पर बीमा राशि में वृद्धि का संकेत। वास्तविक कवर पाँच लाख रुपये ही रहता है, जिसे परिवार सामूहिक रूप से उपयोग करता है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि किसी एक सदस्य के गंभीर उपचार की स्थिति में भी पूरा परिवार सुरक्षित दायरे में बना रहे।
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