असम में विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ रहा है और इसी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को एक बड़ी सौगात देते हुए ब्रह्मपुत्र नदी पर बने अत्याधुनिक कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया। यह 6-लेन का विशाल पुल न केवल गुवाहाटी को नॉर्थ गुवाहाटी से जोड़ेगा, बल्कि राज्य के विकास और कनेक्टिविटी में भी अभूतपूर्व बदलाव लाएगा। उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी ने जहां इस परियोजना की अहमियत बताई, वहीं अपने संबोधन में कांग्रेस पर तीखे हमले करते हुए उन्हें पूर्वोत्तर की उपेक्षा के लिए जिम्मेदार ठहराया।
कनेक्टिविटी का नया अध्याय और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रतीक
कुमार भास्कर वर्मा सेतु पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है, जो इंजीनियरिंग और आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है। लगभग 3030 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह सेतु गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच यात्रा को अभूतपूर्व रूप से आसान बनाएगा। अभी तक जिस दूरी को तय करने में लंबा समय लगता था, वहीं अब यह सफर सिर्फ सात मिनट में पूरा हो सकेगा। यह पुल उत्तर-पूर्व की आर्थिक तरक्की, पर्यटन वृद्धि और लॉजिस्टिक सुधार में एक अहम भूमिका निभाने वाला है।
चुनावी माहौल के बीच पीएम मोदी का हमला और राजनीतिक संदेश
उद्घाटन कार्यक्रम के मंच से प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि दशकों तक असम और पूर्वोत्तर को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में यहां की समस्याओं को कभी प्राथमिकता नहीं मिली, जबकि वर्तमान सरकार पूर्वोत्तर को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए निरंतर काम कर रही है। पीएम मोदी का यह संदेश साफ था कि यह पुल केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि उनकी सरकार की विकास नीति का सशक्त प्रमाण है।
असम के चुनावी समीकरण में पुल की भूमिका
चुनाव नजदीक होने के कारण इस पुल का उद्घाटन राजनीतिक तौर पर भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कनेक्टिविटी में सुधार से जहां स्थानीय जनता को राहत मिलेगी, वहीं यह परियोजना सरकार के विकासवादी दृष्टिकोण को मजबूती देती है। लोग जिस सुविधा, विकास और आधुनिक संरचना की मांग कर रहे थे, वह इस पुल के रूप में साकार होती दिख रही है। यह कदम निश्चित रूप से चुनावी वातावरण में भाजपा के पक्ष में हवा बनाता हुआ प्रतीत होता है।
गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच यात्रा में बड़ा बदलाव
नए सेतु ने गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच की दूरी को सिर्फ भौगोलिक रूप से नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से भी करीब लाया है। जहां पहले आवाजाही में समय और समस्याएं अधिक थीं, वहीं अब यह पुल सुगम यातायात और बेहतर कनेक्टिविटी का मार्ग खोलेगा। इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यवसाय से जुड़े कार्यों में तेज़ी आएगी, जो क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करेगा।
पूर्वोत्तर में विकास कार्यों की निरंतरता और आगे का रोडमैप
कुमार भास्कर वर्मा सेतु केवल एक परियोजना नहीं है, बल्कि आने वाले समय में पूर्वोत्तर को भारत के उच्चतम विकास मानकों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्र सरकार लगातार पूर्वोत्तर के लिए कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कार्य कर रही है, और यह सेतु उसी दिशा में एक निर्णायक प्रगति है। इससे न केवल आज की जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मजबूत और टिकाऊ आधार तैयार होगा।
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