प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली रोड-कम-रेल टनल और फोर लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को मंजूरी दी गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत 18,662 करोड़ रुपये होगी।यह भारत की पहली और दुनिया की दूसरी अंडरवॉटर रोड-कम-रेल टनल परियोजना होगी, जिसमें एक ही सुरंग के भीतर सड़क और रेल दोनों का संचालन होगा। ट्रेन और अन्य वाहन एक साथ चल सकेंगे। परियोजना को इंजीनियरिंग-प्रोक्योरमेंट-कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
इस योजना के तहत गोहपुर (NH-15) से नुमालीगढ़ (NH-715) के बीच 15.79 किमी लंबी टनल बनाई जाएगी। वर्तमान में नुमालीगढ़ और गोहपुर के बीच लगभग 240 किमी की दूरी तय करने में करीब 6 घंटे लगते हैं, लेकिन टनल बनने के बाद यह समय घटकर मात्र 20 मिनट रह जाएगा।
टनल से होने वाले प्रमुख फायदे
असम, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड सहित पूर्वोत्तर राज्यों को बेहतर कनेक्टिविटी।
11 आर्थिक, 3 सामाजिक, 2 पर्यटन और 8 लॉजिस्टिक नोड्स से जुड़ाव।
4 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 2 एयरपोर्ट और 2 जलमार्ग से संपर्क।
लगभग 80 लाख लोगों को रोजगार के अवसर।
नोएडा मेट्रो का 11.56 किमी विस्तार मंजूर
केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के तहत सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किमी लंबे विस्तार कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इस रूट पर 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना के पूरा होने पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 61.62 किमी हो जाएगी।
इससे बॉटनिकल गार्डन स्टेशन पर ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। व्यावसायिक और शैक्षणिक क्षेत्रों से सीधा जुड़ाव होने के साथ ट्रैफिक जाम में भी कमी आएगी।
1 लाख करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता वाले अर्बन चैलेंज फंड (UCF) को भी मंजूरी दी गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह योजना 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगी।
इसके साथ ही छोटे शहरों के लिए 5,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी योजना को भी मंजूरी दी गई है।
इन शहरों को मिलेगा लाभ
10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर।
राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की राजधानियां।
1 लाख से अधिक आबादी वाले औद्योगिक शहर।
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