चारधाम यात्रा को लेकर इस बार प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। फर्जी पंजीकरण और एजेंटों की गड़बड़ी पर रोक लगाने के लिए अब यात्रा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
अब देना होगा पंजीकरण शुल्क
सरकार ने तय किया है कि चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करते समय निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इससे फर्जी बुकिंग और एक व्यक्ति द्वारा कई बार पंजीकरण करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा।
सख्त होगी वेरिफिकेशन प्रक्रिया
- आधार या अन्य वैध पहचान पत्र अनिवार्य
- मोबाइल नंबर ओटीपी वेरिफिकेशन
- सीमित स्लॉट के अनुसार ही पंजीकरण
- यात्रा तिथि में बदलाव के लिए अलग प्रक्रिया
श्रद्धालुओं को मिलेगा फायदा
प्रशासन का कहना है कि नए नियमों से भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा, दलालों की भूमिका खत्म होगी और असली श्रद्धालुओं को समय पर दर्शन का अवसर मिल सकेगा। चारधाम यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। नए नियमों के लागू होने से यात्रा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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