नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने 1989 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी राजेश कुमार सिंह को एक साल का विशेष कार्यकाल विस्तार दिया है। उनका मौजूदा दो साल का निर्धारित कार्यकाल 31 अक्टूबर 2026 को पूरा होना था। नए फैसले के बाद वह अगले एक साल तक यानी 31 अक्टूबर 2027 तक रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। यह विस्तार रक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों और आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार स्वदेशी रक्षा उत्पादन बढ़ाने और सैन्य तकनीक में आत्मनिर्भरता हासिल करने पर जोर दे रही है। निजी कंपनियों की भागीदारी मजबूत करने के प्रयासों के बीच यह फैसला आया है।
आत्मनिर्भर भारत और रक्षा सुधारों पर फोकस
राजेश कुमार सिंह के कार्यकाल में रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज करने पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने रक्षा मंत्रालय और डीआरडीओ में तेजी से फैसले लेने की दिशा में काम किया है। पारंपरिक मिसाइल निर्माण के क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी का रास्ता खोलने में भी उनकी भूमिका रही है। सरकार की प्राथमिकताओं में घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूत करना और विदेशी निर्भरता कम करना शामिल है। उनके नेतृत्व में इन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। कार्यकाल विस्तार से सुधारों की निरंतरता बनी रहेगी।
डीआरडीओ की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाल रहे
राजेश कुमार सिंह के पास 31 मई 2026 से रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उन्हें यह जिम्मेदारी पूर्व डीआरडीओ प्रमुख समीर वी. कामत का कार्यकाल पूरा होने के बाद सौंपी थी। उस समय यह व्यवस्था नियमित प्रमुख की नियुक्ति होने या अगले आदेश तक के लिए की गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार तब से डीआरडीओ में नियमित प्रमुख की नियुक्ति नहीं हुई है। इसलिए वह दोनों महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां एक साथ संभाल रहे हैं।
नवंबर 2024 में संभाला था रक्षा सचिव का पद
राजेश कुमार सिंह ने 1 नवंबर 2024 को भारत के 40वें रक्षा सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था। उन्होंने गिरधर अरमाने की जगह ली थी। अगस्त 2024 में उनकी नियुक्ति के समय भी उनकी सेवा को सेवानिवृत्ति की निर्धारित उम्र से आगे बढ़ाकर अक्टूबर 2026 के अंत तक किया गया था। अब नए आदेश के तहत उनकी सेवा अवधि में एक और साल की बढ़ोतरी की गई है। यह लगातार दूसरा विस्तार उनके प्रशासनिक योगदान को दर्शाता है। रक्षा मंत्रालय में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।
लंबा प्रशासनिक अनुभव रहा है
रक्षा मंत्रालय में आने से पहले राजेश कुमार सिंह अप्रैल 2023 से अगस्त 2024 तक उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के सचिव रहे। इससे पहले उन्होंने पशुपालन और डेयरी विभाग में सचिव की जिम्मेदारी संभाली थी। केरल सरकार में वह शहरी विकास सचिव और बाद में वित्त सचिव के पद पर भी काम कर चुके हैं। उनका प्रशासनिक अनुभव केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर व्यापक रहा है। विभिन्न विभागों में काम करने का यह अनुभव रक्षा क्षेत्र के जटिल मुद्दों को संभालने में मददगार साबित हो रहा है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में योगदान
राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण और निजी भागीदारी बढ़ाने के प्रयास तेज हुए हैं। डीआरडीओ में सुधारों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ निर्णय प्रक्रिया को तेज करने पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूत करना और आयात पर निर्भरता कम करना है। उनके कार्यकाल विस्तार से इन प्राथमिकताओं पर निरंतर काम जारी रहेगा। रक्षा सचिव के रूप में उनकी भूमिका आत्मनिर्भर भारत के रक्षा लक्ष्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगे भी सुधारों की गति बनाए रखने पर जोर रहेगा।