रायपुर: छत्तीसगढ़ बीजेपी की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी आज 25 अक्टूबर को रायपुर पहुंचेंगी। उनके साथ प्रदेश सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी छत्तीसगढ़ आएंगे। दोनों नेता 25 और 26 अक्टूबर को प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में संगठन और जनप्रतिनिधियों के साथ कुल 12 बैठकों में शामिल होंगे। इन बैठकों में सरकार और संगठन के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही मंत्रियों के विभागीय प्रदर्शन, संगठन की जमीनी स्थिति और आगामी चुनावों की तैयारियों पर चर्चा होगी।
दो दिन में 12 बैठकें, संगठन और सरकार के कामकाज की समीक्षा
स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू के छत्तीसगढ़ दौरे को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दो दिनों के दौरान भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर सांसदों, विधायकों और मंत्रियों तक के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं।बैठकों में सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन, मंत्रियों के विभागीय कामकाज और पार्टी संगठन की गतिविधियों की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संगठन की मजबूती से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
पहले दिन प्रदेश पदाधिकारियों और कोर ग्रुप के साथ बैठक
दौरे के पहले दिन यानी 25 अक्टूबर को प्रदेश भाजपा कार्यालय में कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग और जिला प्रभारियों, पूर्व विधायकों-सांसदों और पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों के साथ चर्चा होगी।दिनभर की बैठकों के बाद शाम को भाजपा कोर ग्रुप की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठन की गतिविधियों और आगामी रणनीति से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
दूसरे दिन विधायक, सांसद और मंत्रियों के साथ मंथन
26 अक्टूबर को दौरे के दूसरे दिन स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। इसके अलावा निगम-मंडल और आयोगों के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के साथ भी चर्चा होगी।बैठकों में विचार परिवार के प्रतिनिधियों से संवाद भी प्रस्तावित है। पार्टी नेतृत्व इन चर्चाओं के जरिए सरकार और संगठन के बीच समन्वय, जनप्रतिनिधियों के कामकाज और कार्यकर्ताओं से मिलने वाले फीडबैक की समीक्षा करेगा।
2023 में हारी 36 विधानसभा सीटों पर BJP का फोकस
छत्तीसगढ़ भाजपा की इन बैठकों में 2023 के विधानसभा चुनाव में हारी हुई 36 सीटों पर विशेष ध्यान रहने की बात कही जा रही है। पार्टी इन क्षेत्रों में संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों का आंकलन करेगी।इन सीटों पर बूथ समितियों की सक्रियता, पन्ना प्रमुखों की भूमिका और स्थानीय स्तर पर संगठन की मजबूती की समीक्षा की जाएगी। इसके जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि पिछली बार पार्टी किन कारणों से कमजोर रही और आगामी चुनाव से पहले किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
मंत्रियों के कामकाज और जमीनी फीडबैक पर रहेगी नजर
बैठकों में मंत्रियों के विभागीय कामकाज के साथ-साथ सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है। संगठन की ओर से मिलने वाले जमीनी फीडबैक के आधार पर पार्टी की गतिविधियों और कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी।स्मृति ईरानी के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद यह दौरा छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठनात्मक कामकाज को समझने और आगामी रणनीति पर चर्चा करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। दो दिनों की बैठकों में सामने आने वाले सुझावों और फीडबैक के आधार पर पार्टी आगे की कार्ययोजना तैयार कर सकती है।