Chidambaram : लगातार अडाणी मामले पर पक्ष-विपक्ष का हमला जारी है। वहीं विश्व पटल पर भी इसकी चर्चा है। बता दें कि अमेरिकी अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस (George Soros) ने प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) पर अदाणी मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस हेरफेर से भारत की संघीय सरकार पर मोदी की मजबूत पकड़ काफी कमजोर हो जाएगी। अमेरिकी निवेशक सोरोस ने गुरूवार को म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में यह बात कही। जॉर्ज की टिप्पणी पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए कहा कि पहले भी मैं जॉर्ज सोरोस की बातों से सहमत नहीं होता था और आज भी उनकी बातों से सहमत नहीं हूं।
सोरोस के टिप्पणी पर चिदंबरम का तीखा प्रहार
सोरोस के टिप्पणी पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि सोरोस की बातों को अनदेखा करें। मैं पहले भी जॉर्ज सोरोस की अधिकांश बातों से सहमत नहीं था। और मैं अब भी जो कुछ वो कहते हैं, उससे सहमत नहीं हुं। उन्होंने कहा कि सोरोस की टिप्पणियों से भारत में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को गिराने का प्रयास उनका एक बचकाना बयान है।"
मोदी सरकार इतनी कमजोर नहीं कि एक विदेशी नागरिक के बयानबाजी गिराई जाएगी
चिदंबरम ने अपने ट्वीट में भारतीय लोकतंत्र की महत्ता को बताते हुए कहा कि भारत की जनता इस बात को अच्छी तरह जानती है कि कौन भारत सरकार में रहेगा और कौन बाहर होगा। चिदंबरम ने कहा कि "मुझे नहीं लगता कि मोदी सरकार इतनी कमजोर है कि 92 साल के एक विदेशी नागरिक की बयानबाजी से गिराई जाएगी।" एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, "जॉर्ज सोरोस को अनदेखा करें और नूरील रूबिनी को सुनें। रूबिनी ने चेतावनी दी कि भारत तेजी से बड़े निजी समूहों की ओर से बड़ा हो रहा है, जो संभावित रूप से प्रतिस्पर्धा में बाधा डाल सकता है।" कांग्रेस नेता ने अपने ट्वीट को जारी रखते हुए कहा कि "उदारीकरण एक खुली, प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था की शुरुआत करने के लिए था, मोदी सरकार की नीतियों ने कुलीनतंत्र का निर्माण किया है।"
अदाणी मामले मोदी को देना होगा जवाब - सोरोस
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सोरोस ने गुरूवार को एक भाषण के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिजनेस टाइकून और कथित करीबी सहयोगी गौतम अडानी के शेयर संकट से कमजोर हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह भारत की संघीय सरकार पर मोदी की मजबूत पकड़ को काफी कमजोर करेगा और बहुत जरूरी संस्थागत सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए दरवाजे खोलेगा। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि मुझे समझ नहीं हो, लेकिन मैं भारत में लोकतांत्रिक पुनरुद्धार की उम्मीद करता हूं। सोरोस ने कहा था कि पीएम मोदी इस विषय पर चुप हैं, लेकिन उन्हें विदेशी निवेशकों और संसद में सवालों के जवाब देने होंगे। बता दें कि जॉर्ज के इस बयान पर अभी तक प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी नहीं आई है।
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