दिल्ली: कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (केडीए) और लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) ने बुधवार 15 फरवरी को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (Ladakh) के लिए अलग राज्य की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन (Jantar Mantar Protest) करने का फैसला किया है।
चार मांगों को लेकर होगा आंदोलन
लद्दाख के ट्रेड यूनियनों, सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक समूहों समेत लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस ने लद्दाख के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा, लद्दाख के आदिवासी लोगों के हितों की रक्षा के लिए छठी अनुसूची के तहत प्रावधान लागू करना। कारगिल और लेह के लिए अलग लोकसभा सीट, भर्ती और नौकरियों में स्थानीय युवाओं को आरक्षण व लोक सेवा आयोग के गठन सहित अपनी चार प्रमुख मांगों को लेकर दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर आंदोलन (Jantar Mantar Protest) के लिए इकट्ठा हुए है।
बता दें कि 5 अगस्त, 2019 को जब अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त कर दिया गया था। तब जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ लद्दाख को भी केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया गया था। जबकि जम्मू और कश्मीर विधायिका वाला एक केंद्र शासित प्रदेश है, लद्दाख में इसके लिए कोई प्रावधान नहीं है।
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सोनम वांगचुक होंगे प्रदर्शन में शामिल
मैगसेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) भी प्रदर्शन में शामिल होंगे। सोनम वांगचुक ने हाल ही में 'लद्दाख को बचाने' के लिए पांच दिवसीय 'जलवायु उपवास' किया था। जंतर मंतर पर आंदोलन को लेकर सोनम ने कहा कि “दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है ताकि उनकी आवाज सरकार तक पहुंच सके।”
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