गाजियाबाद - उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दशहरा से पहले एक बड़ा हादसा हो गया। साहिबाबाद के लाजपत नगर स्थित नगर निगम के सामुदायिक केंद्र में रावण का पुतला तैयार करने के दौरान अचानक आग लग गई। पुतले के अंदर पटाखे और आतिशबाजी की सामग्री भरी जा रही थी, तभी तेज धमाका हुआ। हादसे में पांच लोग झुलस गए हैं। इनमें दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुतले के अंदर पटाखे भरते समय हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि दशहरा कार्यक्रम की तैयारियों के तहत सामुदायिक केंद्र में रावण का पुतला तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान पुतले के भीतर आतिशबाजी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री रखी जा रही थी। अचानक आग भड़क गई और देखते ही देखते जोरदार धमाका हो गया। धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव की कोशिश शुरू की और घटना की सूचना पुलिस तथा संबंधित अधिकारियों को दी गई।
पांच लोग झुलसे, दो गंभीर
हादसे में पांच लोग आग की चपेट में आकर झुलस गए। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए एमएमजी अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घायलों की स्थिति को देखते हुए उन्हें दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया। जानकारी के मुताबिक, दो गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल भेजा गया, जबकि तीन अन्य घायलों को जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया। गंभीर रूप से झुलसे लोगों की स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।
धमाके से हॉल की दीवारें क्षतिग्रस्त
धमाका इतना तेज था कि सामुदायिक केंद्र के हॉल की दो दीवारें भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गईं। घटना के बाद मौके पर पुलिस और अन्य संबंधित टीमें पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। हादसे के बाद आसपास के इलाके में भी कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। प्रशासन की ओर से घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
अवैध पटाखा फैक्ट्री की बात को पुलिस ने नकारा
घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह चर्चा होने लगी कि सामुदायिक केंद्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री चल रही थी। हालांकि पुलिस ने इस तरह की बातों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मौके पर पटाखे बनाने का काम नहीं किया जा रहा था। घटना रावण के पुतले के भीतर आतिशबाजी की सामग्री भरे जाने के दौरान हुई। अधिकारियों की ओर से घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
दशहरा तैयारियों के बीच सुरक्षा पर सवाल
दशहरा से ठीक पहले हुए इस हादसे ने त्योहार से जुड़ी तैयारियों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर पुतलों में आतिशबाजी की सामग्री भरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत सामने आई है।
फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है और घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। हादसे के वास्तविक कारण और आतिशबाजी की सामग्री में आग लगने की वजह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट हो सकेगी।