दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित पांच दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की विशेष मुलाकात सुर्खियों में रही। दोनों के बीच भविष्य की तकनीकों, एआई की बदलती दुनिया और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। इस चर्चा को भारत के तकनीकी भविष्य की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आज एआई न सिर्फ उद्योगों बल्कि शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था की नई रीढ़ बन चुकी है।
पिचाई ने एक्स पर जताई खुशी
सुंदर पिचाई ने भारत पहुंचने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि भारत लौटकर उन्हें हमेशा की तरह अपनापन और ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि 20 फरवरी को वे समिट के समापन सत्र को संबोधित करेंगे, जिसमें वे गूगल के आगामी एआई रोडमैप, जिम्मेदार एआई निर्माण और भारत के साथ भविष्य की साझेदारी पर अपने विचार साझा करेंगे। पिचाई का यह बयान भारत में डिजिटल इकोसिस्टम की तेजी और नवाचार के प्रति उनकी आशा को दर्शाता है।
ग्लोबल साउथ का पहला विशाल एआई सम्मेलन
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 न सिर्फ भारत बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए ऐतिहासिक क्षण है। यह विकासशील देशों का पहला और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एआई सम्मेलन है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन करते हुए इसे विचारों, नवाचार और इरादों का संगम बताया था। भारत द्वारा इस तरह के आयोजन का नेतृत्व करना यह संदेश देता है कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक एआई वास्तुकला का प्रमुख स्तंभ बनने जा रहा है।
सम्मेलन की अहम झलकियाँ
इस प्रतिष्ठित समिट में 600 से अधिक भारतीय एआई स्टार्टअप भाग ले रहे हैं, जो अपनी तकनीक, शोध और समाधान की क्षमता को दुनिया के सामने रख रहे हैं। 13 देशों ने अपने-अपने विशेष पवेलियन स्थापित किए हैं, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों की उभरती एआई तकनीकों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जा रहा है। सुंदर पिचाई के साथ-साथ दुनिया के कई प्रभावशाली तकनीकी नेताओं, नीति-निर्माताओं और प्रतिनिधियों की उपस्थिति इस आयोजन को वैश्विक महत्व प्रदान करती है।
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