केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि आतंकियों के ठिकानों, उनके नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि जब तक आतंकवाद की जड़ें पूरी तरह समाप्त नहीं हो जातीं, तब तक सुरक्षा बलों की कार्रवाई निरंतर और निर्णायक बनी रहनी चाहिए।
उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक
गुरुवार को जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर आयोजित एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमित शाह ने आतंक मुक्त जम्मू-कश्मीर के लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस उद्देश्य के लिए सभी आवश्यक संसाधन और समर्थन उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
ऊंचाई वाले इलाकों और सीमाओं पर फोकस
बैठक में विशेष रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सक्रिय आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने और नियंत्रण रेखा (LoC) तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ रोकने की रणनीति पर चर्चा हुई। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सीमाओं की सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और तकनीकी व मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाएगा।
सुरक्षा बलों की सराहना और सतर्कता के निर्देश
अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में लगातार आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे सुरक्षा बलों के साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद मिली सुरक्षा और स्थिरता से जुड़ी उपलब्धियों को बनाए रखा जा सके।
आतंक समर्थक नेटवर्क और फंडिंग पर प्रहार
गृह मंत्री ने आतंकवाद को समर्थन देने वाले नेटवर्क को खत्म करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आतंकियों, उनके सहयोगियों और ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई बेहद जरूरी है, क्योंकि यही नेटवर्क आतंकवाद को आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए समन्वित कार्रवाई का आह्वान किया।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा हुई। गृह मंत्री ने कहा कि साझा रणनीति और रियल-टाइम सूचना साझा करने से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर संदेश
बैठक के बाद अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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