फिल्म जगत के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ऑस्कर अवॉर्ड्स को लेकर इस बार भारतीय सिनेमा के लिए खुशखबरी सामने आई है। एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने इस साल के ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए योग्य फिल्मों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में 5 भारतीय फिल्मों ने अपनी जगह बनाई है।
कांतारा चैप्टर 1 ऑस्कर में की दौड़ में
सबसे ज्यादा चर्चा में है ऋषभ शेट्टी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'कांतारा चैप्टर 1'। आपको बता दें कि, इस फिल्म का निर्देशित खुद ऋषभ ने किया और हीरो भी वह ही थे इस फिल्म में। यह फिल्म अपनी जड़ों से जुड़ी कहानी, लोक संस्कृति और 'दैव' पूजा के सशक्त चित्रण के लिए पहले से ही सुर्खियों में है। अब ऑस्कर की एलिजिबल लिस्ट में शामिल होने के बाद इस फिल्म से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बड़ी उम्मीदें जुड़ गई हैं।
'तन्वी द ग्रेट' भी ऑस्कर की रेस में
वहीं दूसरी प्रमुख फिल्म है बॉलीवुड के सुपरस्टार अभिनेता अनुपम खेर के निर्देशन में बनी 'तन्वी द ग्रेट'। यह फिल्म ऑटिज़्म से पीड़ित एक बच्ची के साहस, आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावनाओं को बेहद संवेदनशील और प्रेरणादायक अंदाज़ में पेश करती है। इस फिल्म को भी ऑस्कर की पात्रता सूची में शामिल किया जाना भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
'महावतार नरसिम्हा' को 'बेस्ट पिक्चर' कैटेगरी में शामिल किया गया
इसके अलावा, 'महावतार नरसिम्हा' नामक बहुभाषी एनिमेटेड महाकाव्य फिल्म को भी इस सूची में जगह मिली है। खास बात यह है कि इस फिल्म को 'बेस्ट पिक्चर' कैटेगरी की दौड़ में शामिल किया गया है, जो भारतीय एनिमेशन सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक मौका माना जा रहा है।
'टूरिस्ट फैमिली' ऑस्कर की एलिजिबल फिल्मों में हुई शामिल
तमिल सिनेमा का प्रतिनिधित्व करती निर्देशक अबीशन जीवनथ की कॉमेडी-ड्रामा फिल्म ‘टूरिस्ट फैमिली’ भी ऑस्कर की एलिजिबल फिल्मों में शामिल हुई है। यह फिल्म अपने हल्के-फुल्के अंदाज़ और सामाजिक संदेश के लिए सराही जा रही है।
'सिस्टर मिडनाइट' ने भी ऑस्कर की प्रतिष्ठित दौड़ में हुई शामिल
वहीं, अभिनेत्री राधिका आप्टे की फिल्म 'सिस्टर मिडनाइट' ने भी ऑस्कर की इस प्रतिष्ठित दौड़ में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले ही सराहना मिल चुकी है, और अब ऑस्कर की पात्रता सूची में शामिल होना इसके लिए एक और बड़ी उपलब्धि है।
कुल मिलाकर, इस साल ऑस्कर की एलिजिबल लिस्ट में भारतीय फिल्मों की मजबूत मौजूदगी यह साबित करती है कि भारतीय सिनेमा अब कंटेंट, विविधता और वैश्विक अपील के मामले में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इनमें से कौन-सी फिल्म फाइनल नॉमिनेशन तक पहुंच पाती है।
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