भोपाल। होली और रंगपंचमी के बाद मध्य प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी तेज हो गई है। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, अगले सप्ताह कलेक्टरों के तबादलों की सूची जारी हो सकती है। इस सूची में करीब एक दर्जन जिलों के कलेक्टर प्रभावित हो सकते हैं। खास तौर पर राजधानी भोपाल के कलेक्टर और भोपाल संभाग के आयुक्त पद पर होने वाले बदलाव को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार सरकार भोपाल जैसे बड़े जिले में महिला आईएएस अधिकारी को जिम्मेदारी देने पर भी विचार कर रही है। धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को जिले में तीन साल से अधिक समय हो चुका है और बेहतर कार्य के कारण उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इस संभावित फेरबदल में कलेक्टर और संभाग आयुक्त के साथ-साथ निगम-मंडलों और प्राधिकरणों के एमडी-सीईओ के पदों पर भी बदलाव किया जा सकता है। इसके अलावा मंत्रालय स्तर पर प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव के प्रभारों में भी फेरबदल की तैयारी है। विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद सूची जारी होने की चर्चा थी, लेकिन मुख्य सचिव अनुराग जैन के पांच दिन के अवकाश पर चले जाने के कारण फैसला टल गया। अब उनके लौटने के बाद नामों की अंतिम समीक्षा कर तबादला सूची जारी की जा सकती है।
भोपाल कलेक्टर का बदलना लगभग तय
भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह का सचिव स्तर पर प्रमोशन हो चुका है। ऐसे में उनका तबादला लगभग तय माना जा रहा है। वर्ष 2010 बैच के इस आईएएस अधिकारी को किसी संभाग का आयुक्त बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं भोपाल संभाग के आयुक्त संजीव सिंह का भी दो साल का कार्यकाल पूरा होने के कारण उन्हें नई जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है।
भोपाल कलेक्टर के लिए इन नामों की चर्चा
राजधानी भोपाल के नए कलेक्टर के लिए तीन नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं -
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान (महिला आईएएस को मौका देने की चर्चा)
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा
मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास निगम के सीईओ दीपक आर्य
इन जिलों के कलेक्टर भी हो सकते हैं प्रभावित
संभावित तबादला सूची में प्रदेश के कई जिलों के कलेक्टरों के नाम शामिल होने की चर्चा है, जिनमें—
केदार सिंह (शहडोल)
प्रतिभा पाल (रीवा)
स्वरोचिष सोमवंशी (सीधी)
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी (बैतूल)
नेहा मीना (झाबुआ)
सोनिया मीना (नर्मदापुरम)
सुधीर कोचर (दमोह)
ऋजु बाफना (शाजापुर)
रानी बाटड़ (मैहर)
अदिति गर्ग (मंदसौर)
2026 में कई वरिष्ठ अधिकारी होंगे रिटायर
मध्य प्रदेश में आने वाला वर्ष प्रशासनिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। वर्ष 2026 के दौरान कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इनके रिटायर होने के बाद प्रदेश की नौकरशाही में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि अगले करीब 10 महीनों में कई महत्वपूर्ण पद खाली हो जाएंगे। इनमें संभागीय आयुक्त, प्रमुख सचिव और पुलिस महानिरीक्षक (IG) जैसे पद शामिल हैं। इन पदों पर नए अधिकारियों की तैनाती होने से प्रशासनिक प्राथमिकताओं में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
मुख्य सचिव पद पर भी बदलाव की संभावना
राज्य के शीर्ष प्रशासनिक पदों में भी आने वाले समय में बदलाव संभव माना जा रहा है। मौजूदा मुख्य सचिव का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार को नए अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपनी होगी। इसे लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के बीच नामों की चर्चा भी शुरू हो गई है।
जूनियर अधिकारियों के लिए खुलेगा प्रमोशन का रास्ता
वरिष्ठ अधिकारियों के रिटायर होने से जूनियर अधिकारियों के लिए प्रमोशन और बड़ी जिम्मेदारियां मिलने का रास्ता भी खुलेगा। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा और नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशासनिक बदलाव किसी भी राज्य के शासन ढांचे में नई दिशा देने का काम करते हैं। अनुभवी अधिकारियों के स्थान पर नई पीढ़ी के अफसरों को अवसर मिलने से शासन व्यवस्था में नई सोच और तेजी आने की उम्मीद रहती है।
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