भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में गुरुवार, 13 अगस्त को ‘संसद यूथ पार्लियामेंट 2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इस युवा संसद में देश के 12 राज्यों से आए 52 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से लोकतंत्र और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा केवल डॉक्टर, इंजीनियर या अन्य पेशेवर बनने तक सीमित न रहें, बल्कि राजनीति में आकर लोकतंत्र को मजबूत करने में भी योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित होने के कारण भारत के दिल के रूप में जाना जाता है और युवा संसद में अलग-अलग राज्यों से युवाओं की भागीदारी इसे लघु भारत का स्वरूप दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और देश के भविष्य को दिशा देने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
12 राज्यों के युवाओं ने लिया हिस्सा
‘संसद यूथ पार्लियामेंट 2026’ में 12 राज्यों से आए 52 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहा है और ऐसे समय में विधानसभा परिसर में युवाओं का लोकतांत्रिक विमर्श में शामिल होना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विधानसभा को जनकल्याणकारी नीतियों और कानूनों के निर्माण का महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए कहा कि युवा संसद जैसे आयोजन युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं, संसदीय परंपराओं और सार्वजनिक जीवन की जिम्मेदारियों को समझने का अवसर देते हैं।
महिलाओं की भागीदारी को बताया महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने युवा संसद में बेटियों की सक्रिय भागीदारी का उल्लेख करते हुए इसे राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भूमिका से जोड़ा। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान महिला नेतृत्व को नई दिशा देने वाला कदम है। डॉ. यादव ने भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवार और समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश देती है।
‘राम हो या रहीम, कानून सबके लिए समान होना चाहिए’
युवा संसद को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान कानून और समान अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उनके लिए राम और रहीम दोनों के अधिकार समान हैं और कानून के सामने सभी नागरिकों के लिए समानता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल राजनीतिक हितों या वोट बैंक की राजनीति के कारण किसी वर्ग की महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ आगे बढ़ने की बात कही।
UCC पर बोले CM मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता यानी UCC का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता के लिए व्यापक स्तर पर सुझाव लिए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, अलग-अलग जिलों और समुदायों से लोगों ने इस विषय पर अपनी राय दी। डॉ. यादव ने दावा किया कि UCC से संबंधित सर्वे में 76 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं ने इसके समर्थन में राय दी। इससे पहले भी मुख्यमंत्री इस आंकड़े का उल्लेख कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। मध्यप्रदेश विधानसभा ने जुलाई 2026 में ‘मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता 2026’ विधेयक को मंजूरी दी थी।
युवाओं से राजनीति में आने की अपील
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा डॉक्टर, इंजीनियर और दूसरे क्षेत्रों के विशेषज्ञ बनने के साथ राजनीति में भी आएं और देश के लोकतंत्र को मजबूत करें। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन के उदाहरण देते हुए नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन का उल्लेख किया और कहा कि देश की आजादी के लिए अनेक लोगों ने अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने युवाओं से देश के विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।
‘युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें’
कार्यक्रम में दिलीप बिल्डकॉन के सीएमडी दिलीप सूर्यवंशी ने भी युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और बड़े उद्योगों के साथ छोटी औद्योगिक इकाइयों में भी निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने राजनीति और समाजसेवा को कठिन लेकिन महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में काम करने के लिए समर्पण और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव जरूरी है। वहीं युवा सांसद की भूमिका में शामिल आरब सिंह शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में UCC विधेयक पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की कोशिश युवाओं को सिर्फ नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाला बनाने की है।
युवाओं के लिए 800 करोड़ रुपये से अधिक का बजट
कार्यक्रम में प्रदेश में युवाओं और खेलों से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में खेल एवं युवा कल्याण के लिए 800 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही प्रदेश में 274 सांदीपनि विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। सरकार की ओर से आने वाले समय में 200 और सांदीपनि विद्यालय शुरू करने की योजना का भी उल्लेख किया गया। बजट दस्तावेजों में 274 सांदीपनि विद्यालयों के संचालन का उल्लेख मिलता है। मुख्यमंत्री और कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश का लक्ष्य हासिल करने के लिए शिक्षित, सक्षम और जिम्मेदार युवाओं की बड़ी भूमिका होगी।
लोकतंत्र के भविष्य में युवाओं की भूमिका अहम
‘संसद यूथ पार्लियामेंट 2026’ का मुख्य संदेश यही रहा कि देश की युवा आबादी केवल रोजगार और करियर तक सीमित न रहे, बल्कि लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से राजनीति और समाजसेवा में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के नेतृत्व और भागीदारी से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।