IMD Weather Alert: ओडिशा में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर में सक्रिय हुआ कम दबाव का क्षेत्र अब Well Marked Low Pressure Area में बदल गया है और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके चलते ओडिशा के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ओडिशा के लिए रेड वार्निंग जारी की है। उत्तर ओडिशा के बालासोर और मयूरभंज में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में जलभराव के साथ नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
ओडिशा में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के उत्तर में बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार संगठित हो रहा है। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और गंगीय पश्चिम बंगाल से होते हुए झारखंड की ओर जाने की संभावना है। मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ इसके डिप्रेशन में बदलने की भी संभावना जताई गई है। इस सिस्टम के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ गई है। IMD ने गुरुवार को राज्य के लिए बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश की रेड वार्निंग जारी की है। रेड वार्निंग का मतलब है कि मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है और प्रशासन व आम लोगों को जरूरी एहतियाती कदम उठाने चाहिए।
बालासोर में 236 मिमी तक बारिश, कई इलाकों में जलभराव
उत्तर ओडिशा में बारिश ने सबसे ज्यादा असर डाला है। मौसम केंद्र, भुवनेश्वर के आंकड़ों के मुताबिक भोगराई में 236 मिमी, श्यामाखुंटा में 230 मिमी, बारीपदा में 215 मिमी और राजघाट में 204 मिमी बारिश दर्ज की गई। बालासोर शहर में गुरुवार सुबह 5:30 बजे तक करीब 137 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया है। सड़क और सामान्य जनजीवन भी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। मयूरभंज के सिमिलिपाल क्षेत्र में भी भारी बारिश दर्ज की गई है। तेज बारिश के कारण बुढ़ाबलंगा और जलका नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। इससे नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
मयूरभंज में स्कूल और शिक्षण संस्थान बंद
भारी बारिश और संभावित जोखिम को देखते हुए मयूरभंज जिला प्रशासन ने गुरुवार को जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया। हालांकि स्कूलों के प्रधानाध्यापकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को अपने-अपने संस्थानों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्कूलों से छात्रों और उनके अभिभावकों तक छुट्टी की जानकारी पहुंचाने के लिए WhatsApp ग्रुप, फोन कॉल और SMS जैसे माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा है। भारी बारिश के कारण जिन क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है, वहां यह कदम विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मछुआरों के लिए भी चेतावनी, समुद्र में जाने पर रोक
मौसम विभाग ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के लिए भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। 14 अगस्त तक उत्तर बंगाल की खाड़ी तथा ओडिशा-पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के आसपास मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। ओडिशा तट के आसपास हवा की गति करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। खराब मौसम के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। IMD ने लोगों से खुले और असुरक्षित स्थानों पर जाने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
बंगाल और झारखंड तक पहुंचेगा बारिश का असर
ओडिशा में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर केवल इसी राज्य तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी बारिश को प्रभावित कर सकता है। पश्चिम बंगाल में दक्षिणी हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश, जबकि अलग-अलग इलाकों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने की संभावना भी बताई गई है। इस वजह से पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा। प्रशासन भी संवेदनशील इलाकों में संभावित जलभराव और अन्य मौसमी परिस्थितियों को लेकर सतर्क है।
दिल्ली-NCR में भी बारिश का दौर जारी
पूर्वी भारत के मुकाबले दिल्ली-NCR में मौसम की स्थिति फिलहाल अपेक्षाकृत सामान्य है, लेकिन राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक दिल्ली-NCR में 16 अगस्त तक बीच-बीच में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है।
अगले कुछ दिन क्यों अहम?
बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम की दिशा और ताकत पर मौसम विभाग लगातार नजर रख रहा है। सिस्टम के डिप्रेशन में बदलने और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की स्थिति में ओडिशा के अलावा पश्चिम बंगाल, झारखंड और आसपास के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। खासकर नदी किनारे, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है।