Cab App Tip Rule: अगर आप Uber, Ola या Rapido जैसी ऐप-बेस्ड कैब/राइड सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक अहम बदलाव सामने आया है। केंद्र सरकार ने राइड एग्रीगेटर्स को निर्देश दिया है कि राइड पूरी होने से पहले यात्रियों को टिप देने का विकल्प नहीं दिखाया जा सकता। यानी बुकिंग के समय, राइड शुरू होने से पहले या सफर के दौरान ‘Advance Tip’ जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने यह निर्देश Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025 के क्लॉज 14.15 के तहत जारी नियमों के आधार पर दिया है। मंत्रालय ने एग्रीगेटर्स को अपने मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म की समीक्षा कर ऐसे फीचर्स हटाने को कहा है, जो यात्रियों को राइड से पहले अतिरिक्त रकम देने के लिए प्रेरित करते हैं।
राइड बुक करने से पहले Tip का विकल्प क्यों हटाया गया?
सरकार के सामने ऐसे इंटरफेस की बात सामने आई, जिनमें राइड बुक करते समय ‘Advance Tip’ या ‘Choose an Add-on’ जैसे विकल्प दिखाई दे रहे थे। कुछ मामलों में टिप देने से राइड जल्दी कन्फर्म होने या ड्राइवर के राइड स्वीकार करने की संभावना बढ़ने जैसा संकेत भी मिल सकता था। मंत्रालय का रुख साफ है कि टिप पूरी तरह यात्री की स्वैच्छिक पसंद होनी चाहिए। किसी भी ऐप के डिजाइन, मैसेज या विकल्प से यात्री को यह महसूस नहीं कराया जाना चाहिए कि अतिरिक्त पैसे देने से उसे जल्दी कैब मिलेगी या बेहतर सेवा मिलेगी।
अब कब दे सकेंगे ड्राइवर को Tip?
नए नियम के मुताबिक यात्री ड्राइवर को टिप दे सकते हैं, लेकिन इसका विकल्प यात्रा पूरी होने के बाद ही दिखाई दे सकता है। इसका मतलब है:
बुकिंग के समय Tip का विकल्प नहीं।
राइड शुरू होने से पहले Tip नहीं।
राइड के दौरान Tip का विकल्प नहीं।
राइड पूरी होने के बाद यात्री अपनी इच्छा से Tip दे सकता है।
Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025 के संशोधन में साफ कहा गया है कि tipping feature यात्रा पूरी होने के बाद ही उपलब्ध कराया जा सकता है।
Tip देने से कैब मिलने पर नहीं पड़ेगा असर
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि Tip और राइड की उपलब्धता के बीच कोई संबंध नहीं होना चाहिए। ऐप में ऐसा कोई संकेत या फीचर नहीं होना चाहिए जिससे यात्री को लगे कि टिप देने से:
राइड जल्दी कन्फर्म होगी,
ड्राइवर के राइड स्वीकार करने की संभावना बढ़ेगी,
ड्राइवर जल्दी उपलब्ध होगा,
वेटिंग टाइम कम होगा,
ड्राइवर का अलोकेशन बेहतर होगा या
सर्विस की गुणवत्ता बढ़ जाएगी।
यानी टिप देना और कैब बुकिंग दो अलग चीजें होंगी। यात्री को अतिरिक्त भुगतान करने के लिए किसी तरह का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दबाव नहीं दिया जाना चाहिए।
Tip की पूरी रकम ड्राइवर को मिलेगी
सरकार ने सिर्फ Tip के समय को लेकर ही नियम नहीं बनाया है, बल्कि रकम को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किया है। नियम के अनुसार यात्री द्वारा दी गई पूरी टिप राशि ड्राइवर को दी जानी चाहिए और एग्रीगेटर उसमें से कोई कटौती नहीं कर सकता। इसके अलावा ऐप पर मौजूद tipping feature ऐसा नहीं होना चाहिए जो भ्रामक या यात्रियों को प्रभावित करने वाला हो। यदि कोई फीचर Consumer Protection Act, 2019 या उससे जुड़े नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे भी हटाना होगा।
Uber, Ola और Rapido पर क्या होगा असर?
इन निर्देशों का असर ऐप-बेस्ड राइड एग्रीगेटर्स के उन डिजिटल इंटरफेस पर पड़ेगा, जहां राइड पूरी होने से पहले टिप या अतिरिक्त भुगतान से जुड़े विकल्प दिखाए जाते हैं। कंपनियों को अपने ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करना होगा कि वे संशोधित एग्रीगेटर गाइडलाइंस के अनुरूप हों। सरकार का उद्देश्य यात्रियों को ऐसी स्थिति से बचाना है, जहां उन्हें यह लगे कि अतिरिक्त भुगतान किए बिना राइड की उपलब्धता या सेवा प्रभावित हो सकती है।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
यात्रियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि राइड से पहले Tip देने का दबाव या संकेत नहीं होना चाहिए। अगर कोई यात्री ड्राइवर की सेवा से संतुष्ट है, तो यात्रा पूरी होने के बाद अपनी इच्छा से टिप दे सकता है। इससे टिप वास्तव में एक voluntary payment के रूप में रहेगी, न कि राइड बुकिंग का हिस्सा।
सरकार के नए नियम का मकसद क्या है?
MoRTH के संशोधित नियमों का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के लिए पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। सरकार ने tipping mechanism को इस तरह डिजाइन करने पर जोर दिया है कि वह न तो भ्रामक हो और न ही उपभोक्ता के फैसले को अनुचित तरीके से प्रभावित करे।