नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। मुंबई, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश, भूस्खलन, जलभराव और बाढ़ ने जनजीवन प्रभावित किया है। मुंबई के घाटकोपर में बुधवार तड़के हुए भूस्खलन में सात लोगों की मौत और सात लोगों के घायल होने की खबर है। वहीं हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण सैकड़ों सड़कें बंद हैं। कई राज्यों में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मुंबई में भूस्खलन से 7 लोगों की मौत
मुंबई के घाटकोपर इलाके की गौसिया चॉल में बुधवार तड़के करीब 3:45 बजे पहाड़ी का एक हिस्सा और मलबा कई मकानों पर जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई। मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। हादसे में सात अन्य लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।
हिमाचल में 313 सड़कें बंद, 75 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य में 313 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। मंडी में सबसे ज्यादा 117, चंबा में 74, कुल्लू में 60 और शिमला में 36 सड़कें प्रभावित हैं। बारिश और मौसम से जुड़ी आपदाओं में 30 जून से अब तक 75 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। पेयजल योजनाओं और बिजली व्यवस्था पर भी बारिश का असर पड़ा है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में भी भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम के कारण ओडिशा में भी बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। बालासोर और भद्रक जैसे तटीय जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, अंगुल, क्योंझर, मयूरभंज और ढेंकनाल समेत कई जिलों में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। तेज हवाओं, आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
जम्मू-कश्मीर में सड़कें और रास्ते प्रभावित
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़, कठुआ और पुलवामा में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला है। कई स्थानों पर जलभराव और भूस्खलन से सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। किश्तवाड़ में सड़क का हिस्सा बहने से गुलाबगढ़-मचैल मार्ग प्रभावित हुआ, जबकि कठुआ में भूस्खलन के कारण बनी-बसोहली मार्ग पर यातायात बाधित हुआ। पुलवामा के अवंतिपोरा में जलभराव के कारण श्रीनगर-अनंतनाग मार्ग पर भी परेशानी आई।
उत्तराखंड में यात्रा पर भी असर
उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन के चलते मद्महेश्वर यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है। बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर अचानक मलबा आने और सड़कें बंद होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में यात्रियों को मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है।
राजस्थान में भी बारिश से हाल बेहाल
राजस्थान के कई जिलों में भी मानसून सक्रिय है। चित्तौड़गढ़ के बासी में भारी बारिश दर्ज की गई है। उदयपुर में उदय सागर बांध का जलस्तर बढ़ने के बाद गेट खोले गए। कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की मुकुंदरा सुरंग में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। जयपुर समेत कई शहरों में जलभराव की स्थिति बनी है।
18 अगस्त तक मौसम पर नजर जरूरी
देश के कई राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, ओडिशा और राजस्थान के संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। भारी बारिश के दौरान नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहना और पहाड़ी इलाकों में बिना जरूरी काम यात्रा नहीं करना सुरक्षित विकल्प होगा।