कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित आरजी कर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पानीहाटी के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक निर्मल घोष को ओडिशा से गिरफ्तार किया गया है। मृतका के शव का जल्द अंतिम संस्कार कराने और कथित तौर पर सबूत मिटाने के आरोपों में उनका नाम सामने आया था।
शव के जल्द अंतिम संस्कार का आरोप
आरजी कर कांड के बाद मृतका के शव का जल्द अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर कई सवाल उठे थे। आरोप है कि परिवार की सहमति और जरूरी औपचारिकताओं के बिना शव का अंतिम संस्कार कराया गया। इस मामले में निर्मल घोष की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मृतका के पिता की शिकायत में नाम
मृतका के पिता की ओर से दर्ज शिकायत में निर्मल घोष का नाम शामिल था। आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर शव का जल्द अंतिम संस्कार करवाया और दूसरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की।
नई FIR के बाद तेज हुई जांच
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश के बाद इस मामले में नए सिरे से जांच शुरू हुई। इसके बाद मृतका के पिता ने खड़दह थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में निर्मल घोष के अलावा वार्ड नंबर 17 के पार्षद सोमनाथ दे और पूर्व पार्षद संजीव मुखोपाध्याय के नाम भी शामिल हैं।
ओडिशा से पुलिस ने पकड़ा
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुरुवार सुबह निर्मल घोष को ओडिशा से गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक, उन्हें गुरुवार रात या शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल लाया जा सकता है। इसके बाद पुलिस उनसे मामले से जुड़े आरोपों को लेकर पूछताछ करेगी।
आरजी कर मामले में पहली बड़ी गिरफ्तारी
आरजी कर मामले की फाइल दोबारा खुलने के बाद निर्मल घोष की गिरफ्तारी को पहली बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अब अंतिम संस्कार से जुड़े दस्तावेजों, घटनाक्रम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
बेटे तीरथंकर घोष की भी हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि 13 जुलाई को निर्मल घोष के बेटे तीरथंकर घोष को भी गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ वसूली समेत कई आरोप बताए गए थे। वहीं, निर्मल घोष का नाम आरजी कर मामले के अलावा लॉटरी से जुड़े मामले में भी सामने आया था।
सुकांत मजूमदार ने कही बड़ी बात
निर्मल घोष की गिरफ्तारी पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने कहा कि आरजी कर मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की बात कही।