नई दिल्ली। लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर गुरुवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने लोकमाता के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। नेताओं ने अहिल्याबाई होल्कर के शासन को लोककल्याण, न्याय, सुशासन, जनसेवा और नारी सशक्तिकरण की प्रेरणादायी मिसाल बताया।
ओम बिरला ने कहा- लोककल्याण और सुशासन की मिसाल थीं अहिल्याबाई
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने अपने शासन में किसानों, कारीगरों, व्यापारियों और आम नागरिकों के हितों को प्राथमिकता दी। उनके प्रयासों से मालवा में व्यापार, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि उनका शासन लोककल्याण, सुशासन और जनसेवा की प्रेरणादायी मिसाल रहा। ओम बिरला ने अहिल्याबाई होल्कर के धार्मिक और सांस्कृतिक योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख तीर्थस्थलों पर मंदिरों, घाटों, कुओं, बावड़ियों और धर्मशालाओं के निर्माण एवं जीर्णोद्धार में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
संसद परिसर में स्थापित है अहिल्याबाई की प्रतिमा
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि लोकमाता के योगदान और विरासत को सम्मान देने के लिए संसद पुस्तकालय भवन के प्रांगण में उनकी कांस्य प्रतिमा स्थापित है। करीब साढ़े छह फीट ऊंची इस प्रतिमा को प्रसिद्ध मूर्तिकार शशिकांत वारके ने बैठी हुई मुद्रा में बनाया है। तत्कालीन उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति भैरों सिंह शेखावत ने 24 अगस्त 2006 को इसका अनावरण किया था।
राजनाथ सिंह ने बताया अदम्य साहस और कुशल प्रशासन की मिसाल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने जनकल्याणकारी शासन, अदम्य साहस और कुशल प्रशासन की मिसाल पेश की। उन्होंने विशेष रूप से काशी विश्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार समेत देशभर में मंदिरों, घाटों, कुओं, तालाबों और धर्मशालाओं के निर्माण एवं संरक्षण में अहिल्याबाई के योगदान को याद किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि समाज के वंचित और जनजातीय वर्गों के कल्याण के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए भी उन्होंने अपने समय से आगे बढ़कर काम किया।
अमित शाह ने कहा- विरासत के संरक्षण में अतुलनीय योगदान
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने मंदिरों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण से लेकर तीर्थों के विकास तक भारतीय विरासत के संरक्षण और पुनर्स्थापना में अतुलनीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने नारी शिक्षा और विधवा विवाह को बढ़ावा देकर महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनका जीवन धर्म, संस्कृति, न्याय, जनसेवा और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
जेपी नड्डा ने बताया दूरदर्शी और न्यायप्रिय शासिका
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने अहिल्याबाई होल्कर को महान वीरांगना और परम शिवभक्त बताते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि एक दूरदर्शी, न्यायप्रिय और लोककल्याणकारी शासिका के रूप में अहिल्याबाई ने सुशासन, लोकसेवा और नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में आदर्श स्थापित किए। नड्डा ने उनके सनातन संस्कृति के संरक्षण, तीर्थों के पुनरुद्धार और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को भी याद किया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा- नारी शक्ति की प्रतिमूर्ति थीं लोकमाता
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अहिल्याबाई होल्कर को नारी शक्ति की प्रतिमूर्ति और सनातन चेतना की शाश्वत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि लोकमाता ने धर्म, न्याय और करुणा के मूल्यों को अपने जीवन और शासन में अपनाया। भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और लोककल्याण के लिए उनके किए गए कार्य हमेशा याद किए जाएंगे।
क्यों खास है अहिल्याबाई होल्कर की विरासत?
अहिल्याबाई होल्कर को भारतीय इतिहास में एक ऐसी शासिका के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने शासन को जनसेवा और लोककल्याण से जोड़ा। उनके कार्यों में धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण के साथ-साथ सामाजिक कल्याण, महिला सशक्तिकरण, व्यापार और कृषि को बढ़ावा देना भी शामिल रहा। उनकी पुण्यतिथि पर नेताओं द्वारा उन्हें याद करना इस बात को रेखांकित करता है कि सुशासन, सेवा, न्याय और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण से जुड़ी उनकी विरासत आज भी प्रासंगिक मानी जाती है।