नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही महज एक मिनट चली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में ‘वंदे मातरम’ का गान कराया और इसके बाद कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य और विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी सदन में मौजूद रहे।
संसद परिसर में जारी रहा विरोध प्रदर्शन
मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध लगातार देखने को मिला। गुरुवार को भी दोनों पक्षों के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
20 जुलाई से शुरू हुए इस सत्र में विपक्ष ने NEET पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन और नारेबाजी की। विपक्ष इन मुद्दों पर संसद में चर्चा की मांग करता रहा।
अमित शाह ने चर्चा की पेशकश की
गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर संसद में चर्चा की पेशकश की। उन्होंने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है।
बताया गया कि चर्चा के लिए समय तय होने पर अमित शाह गुरुवार को सदन में इस मुद्दे पर जवाब दे सकते थे। हालांकि, लोकसभा की कार्यवाही महज एक मिनट चलने के बाद स्थगित हो गई।
राहुल गांधी बोले- ‘लेक्चर नहीं चाहिए’
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमित शाह की चर्चा की पेशकश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष को उनका “लेक्चर” नहीं चाहिए। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि पहले यह बताया जाए कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर साधा निशाना
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद की कार्यवाही बाधित होने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। रिजिजू ने यह भी कहा कि यदि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार होता है तो सत्र को आगे बढ़ाया जा सकता है। मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिला और अंतिम दिन भी सदन में विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।