भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार देर रात भोपाल में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने एक डेयरी पर छापा मारकर 116 किलो पनीर जब्त किया। जब्त किए गए पनीर के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि लैब रिपोर्ट आने से पहले जब्त पनीर को एनालॉग या नकली पनीर घोषित नहीं किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
जैन डेयरी से 116 किलो पनीर जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भोपाल स्थित जैन डेयरी का देर रात निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद पनीर की गुणवत्ता और स्वरूप को देखकर टीम को संदेह हुआ, जिसके बाद करीब 116 किलो पनीर जब्त कर लिया गया। विभाग ने पनीर के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया है। अब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जब्त खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।
अभी ‘नकली पनीर’ कहना जल्दबाजी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस मामले में महत्वपूर्ण स्पष्टता दी है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने से पहले जब्त पनीर को एनालॉग पनीर नहीं कहा जा सकता। लैब जांच में पनीर की वास्तविक संरचना, इस्तेमाल किए गए पदार्थ और उसकी गुणवत्ता की जांच होगी। रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि खाद्य पदार्थ में किसी प्रतिबंधित या वैकल्पिक वसा का इस्तेमाल हुआ है या नहीं।
पनीर के नाम पर दूसरे उत्पाद की बिक्री पर सख्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक, किसी वैकल्पिक या एनालॉग उत्पाद को पनीर के नाम से या पनीर के रूप में बेचना उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है। ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग से जुड़े नियम लागू होते हैं। इसी आधार पर विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान में मौजूद संदिग्ध उत्पाद के खिलाफ कार्रवाई की है।
लैब रिपोर्ट में क्या सामने आएगा?
- अब पूरे मामले की नजर प्रयोगशाला जांच पर है। जांच में मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि जब्त पनीर की संरचना क्या है और उसमें किन पदार्थों का इस्तेमाल किया गया है।
- अगर जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
- अगर किसी अन्य वसा या वनस्पति वसा आधारित उत्पाद के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो मामला और गंभीर हो सकता है।
रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल खाद्य विभाग ने अंतिम निष्कर्ष देने से इनकार किया है। विभाग का कहना है कि लैब रिपोर्ट ही मामले की असली तस्वीर साफ करेगी। यानी अभी यह कहना सही नहीं होगा कि जैन डेयरी से जब्त 116 किलो पनीर नकली या एनालॉग ही था। रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी गुणवत्ता और वास्तविक संरचना को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।