प्रयागराज। महाकुंभ 2025 को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले उत्तर प्रदेश पुलिसकर्मियों के लिए बड़ी खबर है। यूपी सरकार ने महाकुंभ में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने के लिए आदेश जारी कर दिया है। सरकार की ओर से यह राशि आयोजन के दौरान पुलिसकर्मियों की सेवाओं और योगदान के लिए दी जाएगी। प्रयागराज में जनवरी-फरवरी 2025 में आयोजित महाकुंभ करीब 45 दिनों तक चला था। सरकार और प्रशासन के मुताबिक, इस दौरान करोड़ों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे और संगम में पवित्र स्नान किया।
महाकुंभ में 65 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के स्नान का दावा
महाकुंभ के समापन के बाद तत्कालीन डीजीपी प्रशांत कुमार ने दावा किया था कि 45 दिनों के आयोजन के दौरान 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रयागराज में पवित्र स्नान किया। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्र में एक नया मॉडल प्रस्तुत किया। बड़े स्तर पर श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद महाकुंभ का आयोजन बिना किसी बड़ी त्रासदी के पूरा होने की बात कही गई थी।
AI और आधुनिक तकनीक का किया गया इस्तेमाल
महाकुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और निगरानी रखने के लिए आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया। पुलिस और प्रशासन की ओर से भीड़ की निगरानी, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के लिए विभिन्न तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया गया। आयोजन को सफल बनाने के लिए पुलिस के अलावा कई अन्य सरकारी एजेंसियों ने भी समन्वय के साथ काम किया।
रेलवे के साथ भी किया गया समन्वय
महाकुंभ के दौरान प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने रेलवे के साथ भी समन्वय किया था। तत्कालीन डीजीपी के अनुसार, प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान 5 लाख से ज्यादा लोगों ने रेल सेवाओं का इस्तेमाल किया था। वहीं सामान्य दिनों में रेलवे से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या करीब 3 से 4 लाख प्रतिदिन रही।
पुलिसकर्मियों को पहले किया गया था प्रोत्साहन राशि का ऐलान
महाकुंभ के सफल आयोजन में पुलिसकर्मियों की भूमिका को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने आयोजन में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया था। अब इस राशि के भुगतान को लेकर औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है। इससे महाकुंभ ड्यूटी में तैनात रहे पुलिसकर्मियों को जल्द प्रोत्साहन राशि मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती था महाकुंभ
महाकुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में करोड़ों लोगों की आवाजाही के कारण सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ यातायात, स्नान घाटों की सुरक्षा, रेलवे स्टेशन और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी पुलिस की जिम्मेदारी थी। सरकार के मुताबिक, पुलिस और अन्य एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। इसी योगदान को देखते हुए ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया था।