मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 13 अगस्त को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के बाद सेंसेक्स 250 अंक से ज्यादा फिसलकर 77,700 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी 100 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 24,300 के करीब पहुंच गया। बाजार में खास तौर पर बैंकिंग और IT शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
बाजार में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब निवेशक वैश्विक स्तर पर बने भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी बाजारों के संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं। गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सत्र में दबाव में रहे।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
गुरुवार के कारोबार में सेंसेक्स शुरुआती स्तर से ही दबाव में रहा और बाद में इसकी गिरावट 250 अंक से अधिक हो गई। इंडेक्स करीब 77,700 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इसी तरह निफ्टी 50 भी कमजोर रहा और 24,300 के स्तर के आसपास पहुंच गया। बाजार के मिड-मॉर्निंग कारोबार में निफ्टी करीब 0.37% नीचे 24,344.75 पर और सेंसेक्स करीब 0.25% नीचे 77,774.75 पर था।
बैंकिंग और IT शेयरों में बिकवाली
गुरुवार को बाजार की गिरावट में बैंकिंग और IT सेक्टर की बड़ी भूमिका रही। रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल और IT इंडेक्स करीब 0.4% तक नीचे कारोबार कर रहे थे। दोनों सेक्टरों में बिकवाली का असर बेंचमार्क इंडेक्स पर भी पड़ा। IT शेयरों में कमजोरी ऐसे समय देखने को मिल रही है जब निवेशक ग्लोबल टेक सेक्टर के रुझानों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े बदलावों के संभावित असर का आकलन कर रहे हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिला-जुला रुख
बाजार की गिरावट के बीच व्यापक बाजार में पूरी तरह एकतरफा बिकवाली नहीं रही। मिडकैप शेयरों में हल्की कमजोरी रही, जबकि स्मॉलकैप शेयरों में करीब 0.3% की बढ़त देखने को मिली। इससे संकेत मिलता है कि बड़े शेयरों में दबाव के बावजूद कुछ छोटे शेयरों में निवेशकों की खरीदारी बनी हुई थी।
कच्चे तेल की कीमतें बनी चिंता
बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतें इस समय अहम चिंता बनी हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड करीब 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने से भारत के लिए चिंता बढ़ी है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी से देश के आयात बिल, महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ सकता है।
इसके अलावा मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव भी निवेशकों की धारणा पर असर डाल रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच स्थायी शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार में सावधानी बनी हुई है।
12 अगस्त को भी गिरावट के साथ बंद हुआ था बाजार
इससे पहले बुधवार, 12 अगस्त को भी घरेलू शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ था। सेंसेक्स 187.90 अंक या 0.24% की गिरावट के साथ 77,966.35 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 35.75 अंक या 0.15% गिरकर 24,435.95 के स्तर पर बंद हुआ। इस तरह गुरुवार को भी कमजोरी रहने से बाजार में लगातार तीसरे सत्र गिरावट का दबाव बना रहा।
Tata Motors में तेजी, Reliance पर दबाव
गुरुवार के कारोबार में कुछ बड़े शेयरों में बाजार के विपरीत हलचल भी देखने को मिली। Tata Motors के शेयर करीब 4.6% चढ़े, जिसे मजबूत नतीजों और सकारात्मक आउटलुक से जोड़कर देखा गया।
दूसरी ओर Reliance Industries में करीब 1.1% की गिरावट रही। रिपोर्ट के मुताबिक MSCI की ओर से कंपनी के इंडेक्स वेटेज में कमी का असर शेयर पर पड़ा।
महंगाई के आंकड़ों पर भी बाजार की नजर
निवेशक घरेलू महंगाई के आंकड़ों पर भी नजर बनाए हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में भारत की खुदरा महंगाई दर 4.45% रही। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में आगे होने वाला उतार-चढ़ाव बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
बाजार में फिलहाल वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां अहम फैक्टर हैं। लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद निवेशक अब यह देख रहे हैं कि निफ्टी 24,300 के आसपास किस तरह का सपोर्ट बनाता है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी भी जारी है। ऐसे में व्यापक बाजार की दिशा तय करने में आने वाले कारोबारी सत्रों के संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे।