नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए सरकार ने निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से नियंत्रित करने का फैसला किया है। इसके तहत 1 नवंबर 2026 से बाहरी तोड़फोड़ और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी। वहीं, 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण कार्यों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। प्रदूषण की रोकथाम और सर्दियों के दौरान हवा की गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार को पर्यावरण भवन में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिल्ली के प्रदूषण की स्थिति और उससे निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा हुई।
1 नवंबर से निर्माण और बाहरी तोड़फोड़ पर रोक
बैठक में तय किया गया कि प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील अवधि के दौरान निर्माण एवं तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से नियंत्रित किया जाएगा। 1 नवंबर से दिल्ली में बाहरी तोड़फोड़ और निर्माण गतिविधियों पर रोक शुरू होगी। सरकार का उद्देश्य प्रदूषण बढ़ाने वाले स्रोतों को नियंत्रित करना और सर्दियों के दौरान हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखना है।
10 दिसंबर से 20 जनवरी तक पूरी तरह बंद रहेगा निर्माण
सरकार के फैसले के मुताबिक 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण कार्यों पर पूरी तरह पाबंदी लागू रहेगी। यह अवधि दिल्ली में प्रदूषण के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानी जाती है। इस दौरान निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाली धूल तथा अन्य प्रदूषक कणों को नियंत्रित करने के लिए सख्त प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
पर्यावरण भवन में हुई अहम बैठक
प्रदूषण को लेकर हुई बैठक में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और PWD मंत्री प्रवेश वर्मा मौजूद रहे। बैठक में दिल्ली की मौजूदा प्रदूषण स्थिति के साथ-साथ आने वाले सर्दी के मौसम में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की गई।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए चरणबद्ध रणनीति
सरकार की ओर से निर्माण एवं तोड़फोड़ की गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से नियंत्रित करने का फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण बढ़ने की आशंका रहती है। फिलहाल सरकार का फोकस निर्माण गतिविधियों से होने वाले धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने और प्रदूषण के संवेदनशील दौर में अतिरिक्त रोकथाम के उपाय लागू करने पर है।
क्या-क्या रहेगा बंद?
- 1 नवंबर 2026 से: बाहरी तोड़फोड़ और निर्माण गतिविधियों पर रोक।
- 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक: निर्माण कार्यों पर पूरी तरह पाबंदी।
- प्रदूषण के संवेदनशील दौर में निर्माण गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से नियंत्रित किया जाएगा।