भोपाल। मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की परिस्थितियां अब अनुकूल होने लगी हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लंबे समय से बारिश का दौर थमा हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 1 जून से 27 सितंबर 2026 के बीच कुल बारिश सामान्य से 4 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान बारिश सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक रही। यहां औसतन 1083.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 1036 मिमी है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी
इसके विपरीत पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश सामान्य से 11 प्रतिशत कम रही। यहां अब तक 773.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 871.4 मिमी है।
इन जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के कुछ जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें इंदौर, धार, झाबुआ, रतलाम, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल प्रमुख हैं।
कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
वहीं, कुछ जिलों में मानसून मेहरबान रहा। सतना, मऊगंज, निवाड़ी, शहडोल, उमरिया और सिंगरौली में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
907.9 मिमी हुई प्रदेश में औसत बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 27 सितंबर 2026 तक मध्यप्रदेश में औसतन 907.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 942.9 मिमी है। इस तरह प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही।
मानसून की वापसी की रेखा आगे बढ़ी
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा लगातार आगे बढ़ रही है। प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी और मौसम के मौजूदा बदलावों को मानसून की वापसी के अनुकूल परिस्थितियों के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और कम होने की संभावना है।