भोपाल: मध्य प्रदेश में TET की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। भोपाल के नीलम पार्क में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शिक्षक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। धरने का आज दूसरा दिन है। शिक्षकों के प्रदर्शन में अलग-अलग संभागों से शिक्षक चरणबद्ध तरीके से शामिल हो रहे हैं। आज जबलपुर संभाग के शिक्षक धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होंगे। संयुक्त मोर्चे का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
TET की अनिवार्यता से मुक्ति की मांग
शिक्षकों की प्रमुख मांग लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त करना है। शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता को लेकर राहत दी जानी चाहिए। इसके लिए शिक्षकों ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित करने और इसे केंद्र सरकार को भेजने की मांग की है।
पहली नियुक्ति से सेवा गणना की मांग
शिक्षकों की दूसरी प्रमुख मांग सेवा अवधि की गणना पहली नियुक्ति की तारीख से करने की है। संयुक्त मोर्चे के अनुसार, शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारित करते समय उनकी प्रथम नियुक्ति की तारीख को आधार बनाया जाना चाहिए। शिक्षकों का कहना है कि इससे सेवा अवधि और वरिष्ठता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक करने की मांग
शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक करने की भी मांग उठाई है। शिक्षकों का तर्क है कि उन्हें शिक्षण कार्य के अलावा विभागीय और अन्य शासकीय दायित्व भी निभाने पड़ते हैं। ऐसे में ई-अटेंडेंस व्यवस्था को अनिवार्य करने के बजाय स्वैच्छिक रखा जाना चाहिए।
अलग-अलग संभागों के शिक्षक होंगे शामिल
भोपाल के नीलम पार्क में चल रहे धरने में प्रदेश के अलग-अलग संभागों के शिक्षक चरणबद्ध तरीके से शामिल होंगे। आंदोलन के दूसरे दिन जबलपुर संभाग के शिक्षकों की भागीदारी रहेगी। शिक्षकों का कहना है कि उनकी तीनों मांगों को लेकर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगें
- TET से मुक्ति: लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए।
- सेवा गणना: प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि की गणना कर उसी आधार पर वरिष्ठता निर्धारित की जाए।
- ई-अटेंडेंस: शिक्षकों के विभागीय और अन्य शासकीय दायित्वों को देखते हुए ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक किया जाए।
भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना फिलहाल जारी है। आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य संभागों के शिक्षक भी चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन में शामिल होंगे।