भोपाल: मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 सितंबर को भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। कांग्रेस का कहना है कि SIR के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।
भोपाल में प्रदर्शन, बड़े नेता होंगे शामिल
कांग्रेस के घोषित कार्यक्रम के अनुसार भोपाल में होने वाले प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। कांग्रेस प्रदेशभर में इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रही है। 24 सितंबर को यूथ कांग्रेस ने भी भोपाल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।
मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस ने Special Intensive Revision यानी SIR के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों का विधानसभा क्षेत्र, जिला और कारण के अनुसार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। उनके मुताबिक अंतिम मतदाता सूची में करीब 34.25 लाख नाम कम हुए हैं और कांग्रेस इन बदलावों का विस्तृत आंकड़ा चाहती है।
नए मतदाताओं के Form-6 को लेकर भी सवाल
कांग्रेस ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 में किए गए प्रावधानों पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि इन बदलावों की प्रक्रिया और कानूनी आधार को स्पष्ट किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है। पार्टी का कहना है कि मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
जिलों में भी होगा प्रदर्शन
कांग्रेस के मुताबिक भोपाल के प्रदर्शन के बाद जिला स्तर पर भी आंदोलन किया जाएगा। पार्टी ने जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर/जिला निर्वाचन कार्यालयों के सामने प्रदर्शन की योजना बनाई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 29 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया गया है।
SIR को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग से पारदर्शिता और जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रही है। दूसरी ओर, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड में मतदाता सूची के संशोधन, नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रियाएं दर्ज की जाती हैं। मध्य प्रदेश की 2025 की मतदाता सूची के आधिकारिक दस्तावेजों में भी अलग-अलग Additions, Deletions और Corrections सूचियां उपलब्ध हैं। अब भोपाल में होने वाले कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पार्टी की ओर से SIR, मतदाता सूची में बदलाव और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे को लेकर आगे की रणनीति सामने आने की संभावना है।