मुंबई: महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने 358 में से 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया है। इसी पृष्ठभूमि में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर किसानों, खेत मजदूरों, विद्यार्थियों और ग्रामीण नागरिकों के लिए तत्काल राहत की मांग की है। शरद पवार ने मुख्यमंत्री के सामने कुल 17 मांगें रखी हैं। इनमें किसानों के कृषि कर्ज की माफी, प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, मुफ्त अनाज, पानी की व्यवस्था और रोजगार गारंटी के काम शुरू करने जैसी मांगें शामिल हैं। पवार ने राहत राशि दशहरा और दिवाली से पहले प्रभावित परिवारों तक पहुंचाने की मांग भी की है।
किसानों के लिए कर्जमाफी और आर्थिक सहायता की मांग
शरद पवार ने सूखा प्रभावित किसानों के लिए कृषि और कृषि व्यवसाय से जुड़े कर्ज की पूर्ण माफी की मांग की है। इसमें सहकारी, राष्ट्रीयकृत और शहरी सहकारी बैंकों तथा पतसंस्थाओं से लिए गए संबंधित कर्ज शामिल करने की मांग की गई है। इसके अलावा किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में देने की मांग की गई है। खेत मजदूरों के परिवारों के लिए 25 हजार रुपये की सहायता देने की बात भी पत्र में कही गई है।
जमीन का राजस्व और कृषि बिजली बिल माफ करने की मांग
पवार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जमीन का राजस्व माफ करने तथा कृषि पंपों से संबंधित बिजली बिल में राहत देने की मांग की है। उन्होंने सूखे की गंभीरता को देखते हुए उन तालुकों को भी सूखा प्रभावित घोषित करने की मांग की है, जो निर्धारित मानकों के दायरे में आते हैं लेकिन मौजूदा घोषणा में शामिल नहीं किए गए हैं।
हर परिवार को 25 किलो मुफ्त अनाज देने की मांग
सूखा प्रभावित किसानों और खेत मजदूरों के परिवारों को हर महीने 25 किलो मुफ्त अनाज उपलब्ध कराने की मांग की गई है। पवार के अनुसार यह सहायता बिना शर्त प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जानी चाहिए।
फसल और फलबागों के नुकसान का मुआवजा
सूखे के कारण फसलों और फलबागों को हुए नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा देने की मांग भी की गई है। विशेष रूप से पानी की कमी से प्रभावित फलबागों को बचाने के लिए तत्काल टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर टैंकर मंजूरी की प्रक्रिया को आसान बनाने की बात कही गई है।
पानी और पशुओं के लिए भी राहत की मांग
सूखा प्रभावित ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की समस्या गंभीर न हो, इसके लिए तत्काल टैंकरों की व्यवस्था करने की मांग की गई है। इसके साथ ही पशुओं के लिए पानी और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। जल संरक्षण से जुड़े काम तुरंत शुरू करने और इसके लिए विशेष निधि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है।
रोजगार गारंटी के काम शुरू करने की मांग
ग्रामीण इलाकों में रोजगार की समस्या को देखते हुए पवार ने रोजगार गारंटी योजना के तहत बड़े पैमाने पर काम शुरू करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि ग्रामीण लोगों को रोजगार के लिए बहुत दूर न जाना पड़े और गांवों के आसपास ही रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
विद्यार्थियों की फीस माफ करने की मांग
सूखा प्रभावित परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर आर्थिक संकट का असर न पड़े, इसके लिए पवार ने स्कूल-कॉलेज की फीस के साथ छात्रावास और मेस फीस माफ करने की मांग की है।
तीन दिवसीय विशेष अधिवेशन बुलाने की मांग
शरद पवार ने महाराष्ट्र विधानसभा का तीन दिवसीय विशेष अधिवेशन बुलाकर सूखे की स्थिति पर विस्तृत चर्चा करने और राहत उपायों के क्रियान्वयन को गति देने की मांग की है। उन्होंने सरकार से राहत उपायों में देरी नहीं करने की अपील की है।
28 सितंबर से सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा
शरद पवार 28 सितंबर से महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे किसानों से मुलाकात कर फसल नुकसान और जमीनी स्थिति की जानकारी लेंगे। इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने 26 सितंबर को राज्य के 265 तालुकों में सूखा घोषित किया था। सरकार के अनुसार यह घोषणा सूखा प्रबंधन से जुड़े निर्धारित मानकों के आधार पर की गई है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत उपाय लागू किए जा रहे हैं।
शरद पवार की प्रमुख मांगें एक नजर में
- सूखा प्रभावित तालुकों की संख्या बढ़ाई जाए।
- किसानों के कृषि कर्ज माफ किए जाएं।
- किसानों को प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की सहायता दी जाए।
- खेत मजदूर परिवारों को 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाए।
- जमीन का राजस्व और कृषि बिजली बिल में राहत दी जाए।
- प्रभावित परिवारों को 25 किलो मुफ्त अनाज दिया जाए।
- फसल और फलबाग नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
- पीने के पानी और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था हो।
- रोजगार गारंटी के काम बड़े स्तर पर शुरू किए जाएं।
- जल संरक्षण के लिए विशेष निधि उपलब्ध कराई जाए।
- विद्यार्थियों की फीस, हॉस्टल और मेस फीस में राहत दी जाए।
- सूखे पर चर्चा के लिए तीन दिवसीय विशेष अधिवेशन बुलाया जाए।
- प्रभावित परिवारों तक दशहरा-दिवाली से पहले राहत पहुंचाई जाए।
महाराष्ट्र में सूखे को लेकर अब सरकार की घोषित राहत व्यवस्था और शरद पवार द्वारा रखी गई अतिरिक्त मांगों पर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।