लखनऊ।उत्तरप्रदेश में लगातार चार दिनों तक हुई बारिश के बाद अब बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। प्रदेश की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई गांवों में पानी घुस चुका है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद कुशीनगर में गंडक यानी नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बाढ़ की वजह से दो गांवों के करीब 1,400 परिवार प्रभावित हुए हैं। इनमें से लगभग 600 परिवारों को अपना घर छोड़कर तटबंध पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
गोंडा-बदायूं में पुलों के ऊपर से बह रहा पानी
बाढ़ का असर गोंडा और बदायूं में भी दिखाई दे रहा है। यहां छोटे पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है। इसके बावजूद कई जगह लोग 2 से 3 फीट तक पानी के बीच पुल पार करने को मजबूर हैं।सीतापुर में सरायन और पिरई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोग ट्रैक्टर और जेसीबी की मदद से अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।
उन्नाव में छतों पर रहने को मजबूर लोग
उन्नाव में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई लोग मकानों और दुकानों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।इसी बीच प्रदेश में बारिश से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं। बाराबंकी में सरयू नदी में करीब 30 दिनों से लटकी 150 साल पुरानी मस्जिद बह गई। वहीं, उन्नाव में गंगा एक्सप्रेस-वे पर जमा पानी को पंप लगाकर बाहर निकालना पड़ा।
70 साल पुरानी कोठी 3 सेकंड में ढही
बारिश और जलभराव के बीच एक 70 साल पुरानी कोठी के ढहने की घटना भी सामने आई है। कोठी महज करीब 3 सेकंड में भरभराकर गिर गई। लगातार बारिश के बाद कमजोर हुई संरचनाओं को लेकर कई इलाकों में खतरा बढ़ गया है।लखनऊ में भी राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर जलमग्न हो गया। हरदोई में एडीएम की गाड़ी कीचड़ में फंस गई, जिससे बारिश के बाद कई क्षेत्रों में बनी मुश्किलों का अंदाजा लगाया जा सकता है।
96 घंटे बाद निकली धूप, फिर भी कई शहरों में बारिश
लगातार बारिश के बाद सोमवार को लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत प्रदेश के ज्यादातर शहरों में मौसम साफ रहा। करीब 96 घंटे बाद लोगों को धूप के दर्शन हुए।हालांकि, संभल और बिजनौर समेत करीब 5 से 6 शहरों में हल्की बारिश जारी रही। यानी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
9 जिलों में स्कूल बंद
जलभराव और बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रदेश के 9 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।बरेली, लखीमपुर-खीरी, पीलीभीत, संभल, बिजनौर और मुरादाबाद में कक्षा 12वीं तक के स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। वहीं, गोंडा, बदायूं और जौनपुर में कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में छुट्टी की गई है।
46 जिलों में आज भी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, इससे पहले रविवार शाम से प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का दौर थम गया था।बारिश रुकने के बावजूद नदियों के बढ़े जलस्तर और जलभराव के कारण कई इलाकों में हालात सामान्य नहीं हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं, जबकि कई जगह सड़क और पुलों पर पानी का असर बना हुआ है।