लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शैक्षिक सत्र 2027-28 के लिए नए महाविद्यालय या संस्थान खोलने की प्रक्रिया का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। मौजूदा संस्थानों में बीएड को छोड़कर नए विषय और पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए भी इसी समय-सारिणी के अनुसार आवेदन, जांच और संबद्धता की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। नए संस्थानों और पाठ्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालयों में अनापत्ति से जुड़े प्रस्ताव 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे।
भूमि अभिलेखों का होगा सत्यापन
आवेदन के साथ लगाए गए भूमि संबंधी दस्तावेजों का राजस्व विभाग के स्तर पर सत्यापन किया जाएगा। यह प्रक्रिया 5 जनवरी 2027 तक पूरी की जानी है। सत्यापन में खतौनी, संयुक्तता प्रमाणपत्र और नजरी नक्शे समेत अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच होगी। सत्यापन के बाद प्रस्ताव संबंधित जिलाधिकारी को भेजा जाएगा। जिलाधिकारी को प्रस्ताव मिलने के सात दिन के भीतर इसे आगे भेजना होगा और अधिकतम एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध करानी होगी।
20 जनवरी तक जारी होगा अनापत्ति आदेश
विश्वविद्यालय स्तर पर अनापत्ति आदेश जारी करने की अंतिम तिथि 20 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय के निर्णय से असंतुष्ट पक्ष 30 जनवरी तक शासन के समक्ष अपील कर सकेगा। इन अपीलों पर 20 फरवरी 2027 तक निर्णय लिया जाएगा।
मार्च में बनेगा निरीक्षण मंडल
इसके बाद निरीक्षण मंडल का गठन 5 मार्च 2027 तक किया जाएगा। मंडल में संबंधित विषय के विशेषज्ञ और सदस्य सचिव शामिल होंगे। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट 5 अप्रैल 2027 तक उपलब्ध करानी होगी।
अप्रैल तक संबद्धता, मई में अपीलों का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के तहत नए संस्थानों और पाठ्यक्रमों को 20 अप्रैल 2027 तक संबद्धता दी जाएगी। संबद्धता के खिलाफ 30 अप्रैल तक अपील की जा सकेगी। इन अपीलों का निस्तारण 20 मई 2027 तक किया जाना निर्धारित है।
पोर्टल पर दिखेंगी निरीक्षण की दो संभावित तिथियां
निरीक्षण की दो संभावित तिथियां संबंधित पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएंगी। आवश्यकता पड़ने पर निरीक्षण रिपोर्ट का शासन स्तर पर दोबारा सत्यापन भी कराया जा सकेगा। इस पूरी समय-सारिणी का उद्देश्य शैक्षिक सत्र 2027-28 के लिए नए महाविद्यालयों, संस्थानों और पात्र नए पाठ्यक्रमों की आवेदन से लेकर संबद्धता तक की प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करना है।