इंदौर - मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर निशाना साधा है। सुसनेर में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने राहुल गांधी को बीजेपी का ‘अप्रत्यक्ष स्टार प्रचारक’ बताते हुए दावा किया कि उनके कार्यक्रमों से बीजेपी को फायदा पहुंचता है।
राहुल गांधी पर विजयवर्गीय का तंज
विजयवर्गीय ने कहा कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां बीजेपी को राजनीतिक तौर पर फायदा होता है। उनका यह बयान इंदौर में 19 सितंबर को हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के कुछ दिनों बाद सामने आया है। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं से शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और उनके सामने मौजूद चुनौतियों पर बातचीत की थी।
बीजेपी नेता की टिप्पणी को कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। विजयवर्गीय का बयान उनका राजनीतिक आकलन है, जिसे उन्होंने अपने संबोधन के दौरान रखा।
‘छात्रों की गूंज’ पर मनोरंजन को लेकर भी कटाक्ष
कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के कार्यक्रम में मनोरंजन और रैपर की मौजूदगी को लेकर भी कांग्रेस पर तंज कसा। इससे पहले भी वह कार्यक्रम में रैपर को शामिल किए जाने के सवाल पर राहुल गांधी को लेकर टिप्पणी कर चुके थे। इंदौर का यह कार्यक्रम राहुल गांधी के छात्र संवाद अभियान का हिस्सा था। कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं से सीधे संवाद करते हुए शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए थे।
कांग्रेस विधायक पर भी साधा निशाना
सुसनेर के कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने स्थानीय कांग्रेस विधायक पर भी राजनीतिक कटाक्ष किया। उन्होंने लोगों के सामने विकास और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सवाल रखते हुए कहा कि अब जनता को तय करना है कि विकास करना है या ‘घंटी बजवानी है’। उनकी यह टिप्पणी स्थानीय राजनीतिक माहौल में कांग्रेस पर निशाना साधने के तौर पर सामने आई।
इंदौर कार्यक्रम के बाद बढ़ी सियासी बयानबाजी
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हुई है। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार और मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे, जबकि बीजेपी नेताओं ने कार्यक्रम के स्वरूप और उसमें हुई गतिविधियों को लेकर आलोचना की।
इस तरह विजयवर्गीय की ताजा टिप्पणी भी इसी राजनीतिक बहस की अगली कड़ी है। दोनों दलों के नेताओं की ओर से सामने आ रहे बयानों के बीच इंदौर का यह छात्र संवाद कार्यक्रम मध्य प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।