भोपाल: मध्य प्रदेश में अंशकालीन और अस्थाई कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया है। सोमवार, 28 सितंबर को प्रदेशभर से कर्मचारी भोपाल पहुंचे और बीजेपी प्रदेश कार्यालय के सामने धरने पर बैठे। रिपोर्टों के अनुसार यह प्रदर्शन 28 और 29 सितंबर को प्रस्तावित है। धरने में स्कूलों, छात्रावासों, ग्राम पंचायतों और अन्य विभागों से जुड़े अंशकालीन एवं अस्थाई कर्मचारी शामिल हुए हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि उन्हें कम से कम 12 हजार रुपये प्रतिमाह का न्यूनतम वेतन दिया जाए।
प्रदेशभर से कर्मचारी पहुंचे भोपाल
प्रदर्शन में स्कूल छात्रावासों के कर्मचारी, पंप ऑपरेटर, भृत्य, चौकीदार, सफाईकर्मी और अन्य अंशकालीन-अस्थाई कर्मचारी शामिल होने की जानकारी सामने आई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि कई कर्मचारी लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब भी बेहद कम मानदेय मिल रहा है। कर्मचारी संगठनों के अनुसार कुछ कर्मचारियों को करीब 2 हजार से 5 हजार रुपये तक का मानदेय मिलता है। उनका कहना है कि यह राशि मौजूदा महंगाई में परिवार चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है।
न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के अनुरूप भुगतान किया जाना चाहिए। इससे पहले भी कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन और स्थायीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की घोषणा की थी। कर्मचारी संगठनों ने अंशकालीन और अस्थाई कर्मचारियों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन के प्रावधान लागू करने और सेवा से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी मांगें भी उठाई हैं।
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि सरकार जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबे समय से कम मानदेय, सेवा सुरक्षा और न्यूनतम वेतन को लेकर मांगें उठाई जा रही हैं। अब 28 और 29 सितंबर को भोपाल में होने वाले प्रदर्शन के जरिए सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
बीजेपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन
कर्मचारियों के प्रस्तावित आंदोलन के लिए बीजेपी कार्यालय के सामने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के पास जुटने की जानकारी दी गई थी। आंदोलन में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। फिलहाल कर्मचारियों की प्रमुख मांग न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह करने की है। इसके अलावा कर्मचारी सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को लेकर भी अपनी मांगें उठा रहे हैं।