भुवनेश्वर। ओडिशा में लगातार भारी बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक सभी जरूरी सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई है। इसके चलते दक्षिणी, तटीय और पश्चिमी ओडिशा के 13 जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी है।
महानदी में बाढ़ की चेतावनी
महानदी में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों के अनुसार, नदी का जलस्तर बढ़ने से डेल्टा क्षेत्र के पांच जिलों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। गंजाम, गजपति, मलकानगिरि, कोरापुट और नबरंगपुर में भारी बारिश का असर देखने को मिला है। वहीं नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण उत्तरी ओडिशा के बालासोर, भद्रक, जाजपुर और मयूरभंज के कुछ हिस्सों में भी पानी भर गया है।
एक लाख से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे
प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले एक लाख से अधिक लोगों को निकालकर 500 से ज्यादा राहत शिविरों में पहुंचाया है। अकेले बालासोर जिले में 67,266 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, जिले में बाढ़ से 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
हीराकुड से छोड़ा जा रहा अतिरिक्त पानी
अधिकारियों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद हीराकुड जलाशय से अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। इसके कारण महानदी का जलस्तर बढ़ना प्रशासन के लिए एक और चुनौती बन गया है। मुख्यमंत्री माझी ने कोरापुट के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
सोमवार सुबह बढ़ सकता है महानदी का जलस्तर
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत के अनुसार, रविवार रात महानदी से करीब 7 लाख क्यूसेक पानी कटक के पास मुंडली पहुंचेगा। सोमवार सुबह तक यह मात्रा बढ़कर 8 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। उन्होंने बताया कि पानी का प्रवाह बढ़ने से महानदी की कई सहायक नदियों का जलस्तर भी बढ़ सकता है। इससे कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों के कुछ हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
कटक के कई इलाकों में जलभराव की आशंका
राउत के मुताबिक, कटक जिले के बांकी, अतगढ़ और बड़ंबा के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा के निचले इलाकों में भी पानी भरने की आशंका है।
CM ने गंजाम और कोरापुट का किया हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और राज्य के विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के साथ गंजाम और कोरापुट जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।