नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की मुख्य बोर्ड परीक्षा 2026-27 भले ही अभी कुछ महीने दूर हो, लेकिन स्कूलों में परीक्षा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बोर्ड ने आगामी मुख्य परीक्षा के लिए List of Candidates (LOC) जमा करने से संबंधित निर्देश स्कूलों को जारी कर दिए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड को सही रखना बेहद जरूरी है। बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ सीबीएसई के सैंपल क्वेश्चन पेपर और मार्किंग स्कीम भी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इनकी मदद से छात्र प्रश्नपत्र के पैटर्न, प्रश्नों के प्रकार और उत्तर लिखने के तरीके को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
सैंपल पेपर हल करने के साथ मार्किंग स्कीम भी देखें
सीबीएसई के सैंपल पेपर विद्यार्थियों को परीक्षा के प्रश्नपत्र के डिजाइन और पाठ्यक्रम की उचित कवरेज समझने में मदद करते हैं। केवल सैंपल पेपर हल करना ही पर्याप्त नहीं है। छात्रों को अपने उत्तरों का मूल्यांकन मार्किंग स्कीम के आधार पर भी करना चाहिए।
विद्यार्थियों के लिए चार जरूरी काम—
- सैंपल पेपर को निर्धारित समय में पूरा करने का अभ्यास करें।
- पेपर हल करने के बाद मार्किंग स्कीम से अपने उत्तरों का मिलान करें।
- जिन प्रश्नों में बार-बार गलती हो रही है, उनकी अलग सूची तैयार करें।
- स्कूल में जमा होने वाले LOC में नाम, विषय और अन्य व्यक्तिगत विवरणों की अच्छी तरह जांच करें।
सिर्फ प्रश्न हल करना पर्याप्त नहीं
सहोदय कॉम्पलेक्स के संरक्षक विनय झलानी के अनुसार, विद्यार्थियों को सैंपल पेपर हल करने के बाद मार्किंग स्कीम जरूर देखनी चाहिए। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलती है कि किसी उत्तर में किन बिंदुओं को अधिक महत्व दिया गया है। खासकर लंबे उत्तर वाले विषयों में विद्यार्थी कई बार पूरी जानकारी लिख देते हैं, लेकिन प्रश्न की मांग के अनुसार उत्तर को व्यवस्थित नहीं कर पाते। मार्किंग स्कीम देखकर वे यह समझ सकते हैं कि उत्तर में मुख्य बिंदु, अवधारणा, उदाहरण और आवश्यक चरण किस तरह प्रस्तुत किए जाने चाहिए।
परीक्षा संगम पर उपलब्ध है परीक्षा संबंधी सामग्री
सीबीएसई ने परीक्षा संगम के माध्यम से परीक्षा से जुड़ी विभिन्न सामग्री उपलब्ध कराई है। इसमें सैंपल क्वेश्चन पेपर, मार्किंग स्कीम, क्वेश्चन बैंक और मॉडल आंसर जैसी सामग्री शामिल है। विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी के दौरान इन संसाधनों का इस्तेमाल करके अपनी तैयारी का आकलन कर सकते हैं और कमजोर विषयों या प्रश्नों पर दोबारा अभ्यास कर सकते हैं।
LOC में छोटी गलती भी पड़ सकती है भारी
बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ स्कूलों में विद्यार्थियों का परीक्षा संबंधी डेटा भी तैयार किया जा रहा है। CBSE ने 21 सितंबर को 2026-27 की कक्षा 10वीं और 12वीं मुख्य परीक्षाओं के लिए LOC जमा करने की प्रक्रिया से संबंधित सर्कुलर जारी किया था। इस चरण में विद्यार्थियों के नाम, विषय और अन्य विवरणों की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है। LOC में किसी जानकारी की गलती आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकती है। सीबीएसई के पिछले LOC संबंधी निर्देशों में भी विषय से जुड़े विवरणों को सावधानी से दर्ज करने पर जोर दिया गया था। बाद में विषय परिवर्तन से संबंधित अनुरोध स्वीकार किए जाने की सीमाएं होने के कारण विद्यार्थियों और स्कूलों को LOC जमा करने से पहले सभी विवरणों की अच्छी तरह जांच करने की सलाह दी जाती है।
अभी से बनाएं परीक्षा की रणनीति
10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए यह समय नियमित अभ्यास शुरू करने का है। सैंपल पेपर को परीक्षा की तरह निर्धारित समय में हल करने, मार्किंग स्कीम से उत्तरों की जांच करने और बार-बार होने वाली गलतियों को दूर करने से परीक्षा की तैयारी को व्यवस्थित किया जा सकता है।
वहीं, स्कूलों और विद्यार्थियों को LOC में दर्ज सभी जानकारी को ध्यानपूर्वक जांचना चाहिए, ताकि बोर्ड परीक्षा के दौरान दस्तावेजी या विषय संबंधी किसी परेशानी से बचा जा सके।