भोपाल: मध्य प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर संकट के हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। मध्य प्रदेश राशन विक्रेता संघ ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। संघ के मुताबिक मांगें पूरी नहीं होने पर 1 अक्टूबर 2026 से प्रदेशभर की उचित मूल्य की राशन दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बंद की जाएंगी। ताजा रिपोर्टों में भी संघ की ओर से करीब 28 हजार दुकानों को बंद रखने की घोषणा की जानकारी सामने आई है। सरकारी PDS के आंकड़ों में मध्य प्रदेश में कुल 28,191 राशन दुकानों का रिकॉर्ड दर्ज है।
जिला मुख्यालयों पर राशन विक्रेताओं का प्रदर्शन
आंदोलन के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिला मुख्यालयों पर राशन विक्रेताओं ने प्रदर्शन किया। भोपाल में बड़ी संख्या में राशन विक्रेता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान विक्रेताओं ने कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट को भी बंद कर दिया, जिसके चलते कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी की स्थिति बनी। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि राशन दुकानदारों को मिलने वाला कमीशन उनकी आय और संचालन खर्च की तुलना में पर्याप्त नहीं है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कम वितरण के कारण दुकानदारों की आमदनी प्रभावित होने की बात संघ की ओर से कही गई है।
राशन विक्रेताओं की 5 प्रमुख मांगें
राशन विक्रेता संघ ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं—
1. कमीशन बढ़ाने की मांग
खाद्यान्न वितरण पर मिलने वाले कमीशन को बढ़ाकर कम से कम ₹200 प्रति क्विंटल किया जाए।
2. ₹40 हजार मासिक मानदेय
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी राशन विक्रेताओं के लिए ₹40,000 प्रतिमाह मानदेय या आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
3. तौल और परिवहन में नुकसान की भरपाई
परिवहन और तौल के दौरान होने वाले नुकसान को ध्यान में रखते हुए प्रति क्विंटल एक किलो की छूट देने की मांग है।
4. समय पर कमीशन भुगतान
राशन दुकानदारों को हर महीने का कमीशन अधिकतम 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से दिए जाने की मांग की गई है।
5. समितियों के माध्यम से भुगतान समय पर हो
सेवा सहकारी समितियों और वन समितियों को उनके अधीन काम करने वाले राशन विक्रेताओं का भुगतान समय पर करने के लिए शासन स्तर से निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
30 सितंबर तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो 1 अक्टूबर से बंद रहेगा राशन वितरण
राशन विक्रेता संघ ने सरकार को 30 सितंबर तक का समय देने की बात कही है। संघ का कहना है कि यदि निर्धारित समय तक मांगों पर कोई समाधान नहीं निकलता है, तो 1 अक्टूबर से प्रदेशभर में राशन वितरण बंद कर दिया जाएगा। संघ ने आंदोलन की स्थिति में पैदा होने वाली परेशानी की जिम्मेदारी सरकार पर होने की बात कही है।
राशन व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
मध्य प्रदेश की उचित मूल्य की दुकानें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में 28,000 से अधिक उचित मूल्य की दुकानें दर्ज हैं। ऐसे में यदि विक्रेताओं का प्रस्तावित अनिश्चितकालीन बंद लागू होता है, तो राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। फिलहाल आंदोलन को लेकर विक्रेता संघ की ओर से मांगें सरकार के सामने रखी गई हैं और 30 सितंबर तक समाधान निकलने पर आगे की स्थिति बदल सकती है।