भोपाल: बैंकों में सप्ताह में पांच दिन कामकाज लागू करने की मांग को लेकर बुधवार, 12 अगस्त को देशभर में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बैंककर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 5 डे बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई। भोपाल, रायपुर, अंबिकापुर समेत जिला मुख्यालयों पर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी करीब एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया गया।
भोपाल में सैकड़ों बैंककर्मियों ने किया प्रदर्शन
भोपाल में फोरम की स्थानीय इकाई के आह्वान पर सैकड़ों बैंक कर्मचारी और अधिकारी पंजाब नेशनल बैंक, प्रेस कॉम्प्लेक्स, होशंगाबाद रोड शाखा के सामने जुटे। यहां कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की और सभा आयोजित की। सभा में बैंक यूनियनों के पदाधिकारियों ने 5 डे वर्किंग की मांग को लेकर सरकार से जल्द फैसला लेने की अपील की।
2015 में दूसरे-चौथे शनिवार की छुट्टी पर बनी थी सहमति
बैंक यूनियनों के मुताबिक, पहले बैंकों में सोमवार से शुक्रवार तक पूरे दिन और शनिवार को आधे दिन काम होता था। 2015 में सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच हुए समझौते के बाद दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी लागू की गई। उस समय बाकी शनिवार को पूर्ण कार्य दिवस रखने का फैसला हुआ था। साथ ही भविष्य में सभी शनिवार को अवकाश देने पर उचित समय पर विचार करने की बात कही गई थी।
2024 के समझौते के बाद भी नहीं लागू हुई 5 डे बैंकिंग
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि मार्च 2024 के वेतन संशोधन समझौते के दौरान IBA ने सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति जताई थी।
इसके तहत ग्राहकों के लिए बैंकिंग समय में रोजाना करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव था, ताकि सप्ताह के एक अतिरिक्त दिन की छुट्टी के बावजूद ग्राहकों के लिए कुल बैंकिंग समय में कमी न आए।
यूनियनों के अनुसार यह प्रस्ताव वित्त मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन लंबे समय से इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
जनवरी 2026 में भी हुई थी बैंक हड़ताल
5 डे बैंकिंग की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी पहले भी आंदोलन कर चुके हैं। 27 जनवरी 2026 को UFBU के आह्वान पर बैंक हड़ताल की गई थी। यूनियनों का कहना है कि इसके बावजूद मांग पर सरकार की ओर से अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
कर्मचारियों ने बताया- बढ़ रहा है काम का दबाव
बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि शाखाओं में कर्मचारियों की कमी के साथ बैंकिंग कारोबार लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ा है।
यूनियनों का कहना है कि कई कर्मचारी और अधिकारी सामान्य कार्य समय से अधिक काम करते हैं। कुछ अधिकारियों को शनिवार और रविवार को भी काम के लिए बुलाया जाता है। ऐसे में वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखने के लिए पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था जरूरी है।
'जब सरकारी दफ्तरों में 5 डे वर्किंग तो बैंक में क्यों नहीं?'
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि केंद्र और राज्य सरकारों के कई कार्यालयों, RBI, LIC और निजी क्षेत्र की अनेक संस्थाओं में पहले से ही पांच दिन की कार्य प्रणाली लागू है। ऐसे में बैंक कर्मचारियों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। यूनियनों का कहना है कि रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम के प्रस्ताव के कारण ग्राहकों को मिलने वाले कुल बैंकिंग समय में कमी नहीं आएगी।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज
UFBU नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 5 डे बैंकिंग की मांग पर जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यूनियन की आगामी बैठक में हड़ताल समेत अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रमों पर फैसला लिया जा सकता है।
बैंक कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि मार्च 2024 में हुए समझौते के अनुरूप सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।