चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में देर शाम विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (VPHEP) की निर्माणाधीन टनल में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी घुसने से बड़ा हादसा हो गया। घटना के समय टनल के भीतर काम कर रहे करीब 18 मजदूर फंस गए। हादसे के बाद राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे में मजदूरों के घायल होने की भी सूचना है। अब तक दो मजदूरों को टनल से बाहर निकालकर जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया है। बाकी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है।
शाम 6:10 बजे टनल में अचानक आया मलबा और पानी
जानकारी के अनुसार, शाम करीब 6 बजकर 10 मिनट पर निर्माणाधीन टनल के भीतर अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी आ गया। अचानक हुई इस घटना से टनल के अंदर काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।मलबा और पानी इतनी तेजी से अंदर आया कि कई मजदूर बाहर निकलने का मौका नहीं पा सके और करीब 18 मजदूर टनल के अंदर फंस गए।
दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और टनल के भीतर फंसे मजदूरों को निकालने का अभियान शुरू किया गया।रेस्क्यू टीम ने अब तक दो मजदूरों को बाहर निकाल लिया है। दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर ले जाया गया है। अन्य मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान लगातार जारी है।
CM धामी ने लिया हादसे का संज्ञान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल में मलबा और पानी आने की घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने हादसे पर चिंता जताते हुए राहत और बचाव कार्य को युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
SDRF और NDRF की टीमें रवाना
हादसे की गंभीरता को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की गई हैं। जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों की टीमें भी मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि टनल में फंसे मजदूरों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
अधिकारियों से लगातार संपर्क में CM धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि वह स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और घटनास्थल की स्थिति की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।