कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकार वार्ता के दौरान तृणमूल कांग्रेस के नए नाम, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और विपक्षी दलों के रुख को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में जनता ने बीजेपी को स्पष्ट जनादेश दिया है और अब उस जनादेश पर सवाल उठाने की कोशिश की जा रही है।
‘जनता ने बीजेपी को 208 सीटों का जनादेश दिया’
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 208 सीटें मिलीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस के दोनों धड़ों को मिलाकर 80 सीटें मिली थीं। उन्होंने कहा कि यह जनता का स्पष्ट जनादेश है और राजनीतिक दलों को इसका सम्मान करना चाहिए। उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार बीजेपी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 208 सीटें जीती थीं, जबकि AITC को 80 सीटें मिली थीं।
तृणमूल के नए नाम को लेकर साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद के बाद चुनाव आयोग ने दोनों धड़ों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और फुटबॉल खिलाड़ी का चुनाव चिह्न मिला है, जबकि अरूप राय के नेतृत्व वाले धड़े को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और लिफाफा चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसी घटनाक्रम को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर जानबूझकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग का फैसला फिलहाल आगामी उपचुनावों के संदर्भ में लागू है और अंतिम रूप से दोनों धड़ों की मान्यता का विवाद अभी लंबित है।
SIR को लेकर भी विपक्ष पर हमला
सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी SIR को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर गलत प्रचार किया जा रहा है। वहीं, चुनाव आयोग ने 26 सितंबर की बैठक में स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, उनके घर जाकर BLO दस्तावेज जुटा सकते हैं और उन्हें हर मामले में ERO/AERO कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाना जरूरी नहीं होगा।
सरकार के कामकाज का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए नियुक्तियों और किसानों को दी जा रही सहायता की बात कही। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने OBC से जुड़े मामलों के बाद करीब 12 हजार नियुक्तियां की हैं और करीब चार लाख किसान परिवारों को सब्सिडी का लाभ दिया है।
TMC-CPI(M) संबंधों को लेकर हमला
सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के गठन के पुराने राजनीतिक संदर्भों का जिक्र करते हुए CPI(M) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तृणमूल कांग्रेस का गठन लंबे समय तक चले वाम मोर्चा शासन के विरोध में हुआ था, वही राजनीतिक धड़ा अब CPI(M) के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।
उन्होंने विभिन्न चुनावी और विधानसभा घटनाक्रमों का हवाला देते हुए तृणमूल और वाम दलों के बीच कथित राजनीतिक नजदीकी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि दोनों दलों के बीच राजनीतिक सहयोग है तो इसका असर केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
‘आजादी’ के नारों पर भी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं की ओर से लगाए जा रहे ‘आजादी’ के नारों को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ लगातार गलत प्रचार किया जा रहा है और राजनीतिक रूप से कमजोर पड़ने के बाद विपक्ष इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहा है।
भ्रष्टाचार के आरोपों का किया उल्लेख
सुवेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में पिछली सरकार के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न कथित भ्रष्टाचार मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने आवास योजना, नौकरी भर्ती, कोयला और अन्य मामलों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। ये राजनीतिक आरोप हैं; संबंधित मामलों में अलग-अलग जांच, न्यायिक कार्यवाही और पक्षकारों के अपने-अपने दावे रहे हैं।
BJP के पुराने आरोपों को दोहराया
मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस के गठन और उसके पुराने राजनीतिक संघर्षों का जिक्र करते हुए CPI(M) शासन के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने मरीचझांपी, साईबाड़ी और नंदीग्राम समेत कई घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि अगर तृणमूल और वाम दल राजनीतिक रूप से एक साथ आ रहे हैं, तो उन्हें केरल जैसे राज्यों में भी इसी तरह का राजनीतिक रुख अपनाना चाहिए।
‘केरल में भी साथ आंदोलन करें’
सुवेंदु अधिकारी ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के बीच राजनीतिक समीकरणों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में ये दल एक मंच पर दिखाई दे रहे हैं, तो केरल में भी उन्हें मिलकर आंदोलन करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और ममता बनर्जी समेत विपक्षी नेताओं को लेकर इसी संदर्भ में राजनीतिक सवाल उठाए।