भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों तथा विश्वविद्यालय परिसरों में आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं की एंट्री रोकने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने संस्थानों को परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आवारा पशुओं की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है।
प्राचार्य होंगे नोडल अधिकारी
विभाग ने हर कॉलेज में प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। यह अधिकारी परिसर की सुरक्षा, आवारा पशुओं की रोकथाम और संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे। साथ ही उनका नाम और मोबाइल नंबर कॉलेज परिसर में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत संपर्क किया जा सके।
बाउंड्रीवॉल और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
जिन कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बाउंड्रीवॉल नहीं है, वहां दीवार निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जहां बाउंड्रीवॉल क्षतिग्रस्त है, उसकी मरम्मत कराई जाएगी। इसके अलावा परिसर में सुरक्षा कर्मियों की शिफ्ट के अनुसार ड्यूटी लगाने को भी अनिवार्य किया गया है, ताकि परिसर में किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि या पशुओं की एंट्री रोकी जा सके।
स्थानीय निकाय से समन्वय जरूरी
यदि किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय परिसर में आवारा कुत्ते या अन्य पशु दिखाई देते हैं, तो संबंधित संस्थान को तुरंत स्थानीय निकाय से संपर्क कर उन्हें हटाने की कार्रवाई करनी होगी। क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों को 16 मार्च तक इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आदेश
उच्च शिक्षा विभाग ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के एक मामले में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जारी किया है, ताकि शैक्षणिक परिसरों में छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
1439 कॉलेज और विश्वविद्यालय आएंगे दायरे में
इस आदेश के तहत प्रदेश के कुल 1439 कॉलेज और विश्वविद्यालय शामिल होंगे। इनमें 571 सरकारी और 868 निजी कॉलेज हैं, जबकि 18 सरकारी और 54 निजी विश्वविद्यालय भी इस दायरे में आएंगे।
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