भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज यानी के बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत की। यह चर्चा पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और उससे उत्पन्न तेल और गैस आपूर्ति संकट के बीच हुई।
जानकारी के अनुसार, 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी अहम बातचीत थी। बातचीत के दौरान जयशंकर ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के ब्लॉक होने से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ रहे असर को लेकर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की।
एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
दोनों देशों के मंत्रियों ने क्षेत्रीय हालात पर लगातार संपर्क बनाए रखने और तनाव कम करने के लिए मिलकर प्रयास करने पर सहमति जताई। इसके साथ ही ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इधर, संभावित संकट को देखते हुए भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आम जनता पर युद्ध और आपूर्ति बाधाओं का असर कम से कम पड़े।
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