मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अपनी परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब परीक्षा प्रक्रिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की निगरानी में होगी। इसके लिए इंदौर में अत्याधुनिक कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया गया है, जहां से पूरे प्रदेश के परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। यह नई व्यवस्था राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 से लागू होगी।
54 जिलों के 365 केंद्रों पर एक साथ नजर
आयोग के चेयरमैन राजेश लाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कमांड सेंटर का उद्घाटन किया।
इस सेंटर से प्रदेश के 54 जिलों में बने 365 परीक्षा केंद्रों की एक साथ निगरानी की जा सकेगी। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधि मिलने पर तुरंत संबंधित केंद्राध्यक्ष को निर्देश दिए जाएंगे।
पहली बार त्रिस्तरीय जांच प्रणाली लागू
इस बार परीक्षा में पहली बार तीन स्तर की सख्त जांच व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें शामिल हैं:
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण
प्रवेश पत्र की स्कैनिंग
हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) से जांच
खास बात यह है कि अभ्यर्थियों की पहचान के लिए आंखों की पुतली (आइरिस) मिलान भी किया जाएगा, जिससे फर्जी अभ्यर्थियों की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।
30 सेकंड से ज्यादा रुके तो अलर्ट
पूरी परीक्षा प्रक्रिया में एआई तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
यदि कोई पर्यवेक्षक किसी अभ्यर्थी के पास 30 सेकंड से अधिक समय तक रुकता है, तो तुरंत कमांड सेंटर से अलर्ट जारी होगा और स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
इसी तरह संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
प्रवेश और जांच के सख्त नियम
अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले केंद्र पहुंचना अनिवार्य
दो स्तर पर फ्रिस्किंग जांच
पुरुषों की जांच पुरुष स्टाफ, महिलाओं की महिला स्टाफ द्वारा
ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को सुविधा अनुसार विकल्प
परीक्षा से जुड़े अहम आंकड़े
54 जिले और 365 परीक्षा केंद्र
1.35 लाख अभ्यर्थी शामिल
600+ पर्यवेक्षक तैनात
100+ सेवानिवृत्त अधिकारी आब्जर्वर
हर कक्ष में 24 अभ्यर्थी और 2 पर्यवेक्षक
क्या ले जा सकते हैं, क्या नहीं
परीक्षा कक्ष में सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे, जैसे: मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर, पेन ड्राइव आदि।
ये चीजे ले जा सकते हैं
प्रवेश पत्र
वैध पहचान पत्र
बॉल पेन
पारदर्शी पानी की बोतल
दो सत्रों में होगी परीक्षा
राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। आयोग ने संकेत दिए हैं कि यह नई तकनीक भविष्य की सभी परीक्षाओं में भी लागू की जाएगी।