भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 2025 बैच के 8 युवा IAS अधिकारियों की पहली पदस्थापना प्रदेश के आदिवासी एवं कम विकसित ग्रामीण जिलों में सहायक कलेक्टर के रूप में की गई है। मुख्यमंत्री ने इन क्षेत्रों को जमीनी प्रशासन की सच्ची पाठशाला बताते हुए कहा कि यहीं से एक जिम्मेदार और जनोन्मुखी अधिकारी का निर्माण होता है।

आदिवासी और सुदूर जिलों को मिली प्राथमिकता
इस फैसले के तहत युवा अधिकारियों को ऐसे जिलों में जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां प्रशासनिक चुनौतियां अधिक हैं और विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार का उद्देश्य है कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचें और प्रशासन की पकड़ जमीनी स्तर पर मजबूत हो।
2025 बैच के 8 IAS अधिकारियों की पहली पदस्थापना
मुख्यमंत्री के इस निर्णय के तहत 2025 बैच के निम्नलिखित IAS अधिकारियों को सहायक कलेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है—
- आयुषी बंसल - झाबुआ
- आशी शर्मा - धार
- माधव अग्रवाल - बड़वानी
- सौम्या मिश्रा — सिंगरौली
- श्लोक वाइकर - कटनी
- शिल्पा चौहान - खंडवा
- खोट पुष्पराज - बैतूल
- शैलेन्द्र चौधरी - मंडला
युवा अधिकारियों को मिलेगा प्रशासन का वास्तविक अनुभव
सहायक कलेक्टर के रूप में ये अधिकारी राजस्व, जनकल्याणकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास, कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं के समाधान जैसे कार्यों में सीधे तौर पर शामिल होंगे। इससे उन्हें प्रशासन की वास्तविक चुनौतियों को समझने और निर्णय क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा।
परंपरागत सोच से हटकर लिया गया फैसला
आमतौर पर IAS अधिकारियों की शुरुआती पोस्टिंग शहरी या अपेक्षाकृत सुविधाजनक जिलों में होती है, लेकिन मुख्यमंत्री के इस फैसले ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रशासन की असली परीक्षा ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में होती है। यही अनुभव भविष्य के मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व की नींव रखता है।
विकास के साथ संवेदनशील प्रशासन की दिशा में कदम
इस पहल से न केवल आदिवासी और कम विकसित जिलों के विकास को गति मिलेगी, बल्कि अधिकारियों में समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही भी विकसित होगी। मुख्यमंत्री का यह निर्णय प्रदेश में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम माना जा रहा है।