चेन्नई - हार्दिक पंड्या की कप्तानी में मुंबई इंडियंस का खराब प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। 5 बार की चैंपियन टीम का ग्राफ 2024 के बाद से लगातार नीचे जाता दिख रहा है। पिछले सीजन में थोड़ी उम्मीद जगी थी, लेकिन IPL 2026 में टीम फिर से संघर्ष करती नजर आ रही है।
कप्तानी के फैसलों पर उठ रहे सवाल
हार्दिक पंड्या के कुछ फैसले लगातार आलोचना के घेरे में हैं। मैदान पर उनकी रणनीति और गेंदबाजी बदलाव को लेकर कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स सवाल उठा रहे हैं, जिससे टीम की मुश्किलें और बढ़ती दिख रही हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबला इस बहस का बड़ा कारण बना। इस मैच में मुंबई ने पहले गेंदबाजी की, लेकिन हार्दिक खुद महंगे साबित हुए और अपने 2 ओवर में 38 रन दे बैठे।
आखिरी ओवर का फैसला पड़ा भारी
पारी का आखिरी ओवर मैच का सबसे अहम मोड़ होता है, लेकिन टीम के कप्तान हार्दिक ने खुद जिम्मेदारी लेने के बजाय युवा गेंदबाज कृष भगत को गेंद सौंप दी। यह उनका सिर्फ दूसरा मैच था और पहले ओवर में ही उन्होंने 15 रन लुटाए थे। ऐसे में यह फैसला चौंकाने वाला था।
अश्विन ने जताई नाराजगी
इस फैसले पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिन गेंदबाज आर अश्विन ने खुलकर नाराजगी जताई। उनका मानना है कि ऐसे दबाव वाले मौके पर कप्तान को या तो खुद आगे आना चाहिए था या किसी अनुभवी गेंदबाज पर भरोसा करना चाहिए था। हालांकि, एक नजरिया यह भी हो सकता है कि हार्दिक युवा खिलाड़ियों को बड़े मौके देकर उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना चाहते हों। लेकिन सवाल यही है कि क्या इतने अहम समय पर इस तरह का प्रयोग सही था?
आगे की राह आसान नहीं
5 बार की चैंपियन टीम मुंबई इंडियंस के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं दिख रहा। अगर टीम को वापसी करनी है, तो कप्तानी के फैसलों में सुधार और बेहतर रणनीति बेहद जरूरी होगी।