नई दिल्ली:राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित INDIA गठबंधन की अहम बैठक के दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। बैठक के अंदर से सामने आई जानकारी के अनुसार राहुल गांधी ने विदेश नीति, किसानों, बेरोजगारी, महंगाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि देश में सरकार के खिलाफ भारी जनाक्रोश है और यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले एक साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पद पर नहीं रहेंगे।
विदेश नीति और किसान मुद्दे पर सरकार को घेरा
बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट नहीं रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार की नीति देशहित के अनुरूप दिखाई नहीं दे रही। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए दावा किया कि सरकार ने किसानों के हितों की अनदेखी की है। राहुल गांधी ने कहा कि किसानों से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी दिखाई दे रही है।
महंगाई-बेरोजगारी को लेकर जताई नाराजगी
राहुल गांधी ने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है, जबकि बेरोजगारी की समस्या से देश का युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं और इससे उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जनता के बीच सरकार को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। यही कारण है कि विपक्ष को इन मुद्दों को मजबूती से उठाने और जनता की आवाज बनने की जरूरत है।
पेपर लीक को बताया युवाओं के साथ धोखा
राहुल गांधी ने भर्ती परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक युवाओं के साथ बड़ा अन्याय है। लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन व्यवस्थागत खामियों के कारण उनका भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि युवाओं में इस मुद्दे को लेकर गहरा आक्रोश है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सभी विपक्षी दलों से एकजुट होकर सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष को साझा रणनीति के तहत जनता के मुद्दे उठाने होंगे। उनके मुताबिक महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष को मिलकर आवाज बुलंद करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की मजबूती और एकजुटता लोकतंत्र के लिए जरूरी है तथा जनता के हितों की रक्षा के लिए सभी दलों को साथ मिलकर काम करना होगा।
2029 की रणनीति पर भी हुआ मंथन
बैठक से पहले शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि INDIA गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के सभी दल मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे। राउत ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम नहीं है और विपक्ष का मुख्य उद्देश्य भाजपा को सत्ता से बाहर करना है।
बैठक में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने भी सीमांकन (Delimitation), आर्थिक मुद्दों, महंगाई और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा की। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में INDIA गठबंधन सरकार के खिलाफ संयुक्त कार्यक्रमों और आंदोलनों की रूपरेखा भी तैयार कर सकता है।