आगरा- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा दौरे के दौरान सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया और AI समय की आवश्यकता हैं, लेकिन इनका उपयोग समाज और देश के हित में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर सकारात्मक और तथ्यात्मक कंटेंट साझा करें तथा युवाओं को फेक अकाउंट्स और अफवाहों से बचने के लिए जागरूक करें।
मुख्यमंत्री यह बात डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के छत्रपति शिवाजी ऑडिटोरियम में 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कह रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए।
'सोशल मीडिया आज की आवश्यकता है'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदलती दुनिया में सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा,
"सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आज की आवश्यकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी आज की आवश्यकता है। हम बदलती हुई दुनिया में इससे पीछे नहीं रह सकते। जरूरत इस बात की है कि इसका उपयोग समाज और देश के कल्याण के लिए कैसे किया जाए।"
उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव, ज्ञान और सकारात्मक विचारों के माध्यम से सोशल मीडिया पर ऐसा कंटेंट साझा करें, जिससे समाज को सही दिशा मिले।
'अच्छा कंटेंट डालिए, युवाओं को प्रेरित करिए'
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी युवाओं का मार्गदर्शन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक छात्रों को प्रेरित करें, उन्हें सही और गलत जानकारी के बीच अंतर समझाएं तथा तथ्यों पर आधारित जानकारी साझा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा,
"अच्छा कंटेंट डालिए। अच्छे उदाहरणों के माध्यम से लोगों को प्रभावित करिए और छात्रों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाइए।"
फेक अकाउंट्स और अफवाहों से सतर्क रहने की सलाह
सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर बढ़ रही फर्जी सूचनाओं और फेक अकाउंट्स को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गुमनाम और फर्जी अकाउंट्स के जरिए लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जाती है। ऐसे प्लेटफॉर्म से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि सोशल मीडिया पर कम समय बिताएं और प्रमाणिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें।
'लाइब्रेरी जाने और किताबें पढ़ने की आदत डालें'
मुख्यमंत्री ने छात्रों को नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि केवल सोशल मीडिया पर निर्भर रहने के बजाय पुस्तकालयों में जाकर पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम की पुस्तकों के अलावा संदर्भ पुस्तकें और धार्मिक ग्रंथ भी पढ़ने चाहिए, क्योंकि उनमें जीवन से जुड़े कई प्रेरक उदाहरण मिलते हैं।
शिक्षकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शन करने वाले सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, इसलिए उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।उन्होंने 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का शुभारंभ करते हुए कहा कि इससे शिक्षकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि शिक्षक इस योजना का लाभ उठाकर प्रदेश और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
PNB के साथ हुआ एमओयू
कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ। इसके तहत शिक्षकों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य और बीमा सुरक्षा से जुड़ी कई अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।