नई दिल्ली - भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज रविवार से शुरू होने जा रही है। इस सीरीज में एक बार फिर श्रेयस अय्यर पर सबकी नजरें रहेंगी। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद टीम में वापसी करने वाले अय्यर को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब वह पहली बार अपने देश में टीम इंडिया की कमान संभालते नजर आएंगे।

भारत में पहली बार कप्तानी का मौका
श्रेयस अय्यर ने जब से भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली है, तब से उनके नेतृत्व में टीम ने विदेशों में ही मुकाबले खेले हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज उनके लिए इसलिए खास है, क्योंकि पहली बार वह भारतीय जमीन पर टीम इंडिया के कप्तान के तौर पर उतरेंगे। हालांकि सीरीज का आधिकारिक आयोजन अफगानिस्तान के नाम है, लेकिन मुकाबले भारत में होने के कारण टीम इंडिया को परिस्थितियां काफी हद तक घरेलू जैसी मिलेंगी। ऐसे में अय्यर इन परिस्थितियों का फायदा उठाकर अपनी कप्तानी को मजबूत करना चाहेंगे।

कप्तानी की शुरुआत रही चुनौतीपूर्ण
अय्यर के लिए टी20 कप्तान के तौर पर शुरुआती सफर आसान नहीं रहा। कप्तानी संभालने के बाद उनकी पहली सीरीज में भारत को आयरलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड ने भी भारतीय टीम को मात दी। हालांकि जिम्बाब्वे दौरे पर अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया को जीत मिली और इससे उनके नेतृत्व को कुछ राहत मिली।
सूर्यकुमार यादव की जगह मिली जिम्मेदारी
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। इससे पहले सूर्यकुमार यादव भारतीय टी20 टीम की कप्तानी कर रहे थे, लेकिन उनके टीम से बाहर होने के बाद अय्यर को कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई। अब अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज अय्यर के लिए अपनी कप्तानी को लेकर भरोसा मजबूत करने का अहम मौका होगी।
घरेलू परिस्थितियों का मिलेगा फायदा?
भारत में खेलने का फायदा टीम इंडिया को पिच और परिस्थितियों की बेहतर समझ के रूप में मिल सकता है। अय्यर के लिए भी घरेलू मैदान पर कप्तानी का यह पहला अनुभव होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि वह टीम संयोजन, गेंदबाजों के इस्तेमाल और मुश्किल परिस्थितियों में फैसले लेने के मामले में कैसा प्रदर्शन करते हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की यह सीरीज अय्यर की कप्तानी के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।