मुंबई: गणेश उत्सव के दौरान पुणे में शराब की दुकानों को लगातार 13 दिनों तक बंद रखने के फैसले पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं। अदालत ने इतनी लंबी अवधि के लिए शराब बिक्री पर रोक लगाए जाने के पीछे प्रशासन की दलील और इसके संभावित असर को लेकर चिंता जताई।
‘लंबे समय तक शराब नहीं मिली तो अस्पताल पहुंच सकते हैं लोग’
सुनवाई के दौरान अदालत ने शराब पर निर्भर लोगों से जुड़े संभावित स्वास्थ्य प्रभाव का भी जिक्र किया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर शराब की दुकानें 13 दिनों तक बंद रहीं, तो शराब के आदी लोगों को परेशानी हो सकती है और ऐसे लोगों की संख्या बढ़ सकती है जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़े। अदालत की यह टिप्पणी लंबे समय तक शराब बिक्री बंद रखने के संभावित दुष्प्रभावों के संदर्भ में सामने आई।
सिर्फ पुणे में ही 13 दिन की पाबंदी क्यों?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रशासन से यह भी सवाल किया कि गणेश उत्सव के दौरान इतनी लंबी शराबबंदी सिर्फ पुणे में ही क्यों लागू की जा रही है। अदालत ने पूछा कि अगर त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शराब की बिक्री पर रोक जरूरी है, तो फिर मुंबई और राज्य के दूसरे हिस्सों में इसी तरह की पाबंदी क्यों नहीं लगाई गई।
प्रशासन के फैसले पर कोर्ट ने मांगा जवाब
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने शराब बिक्री पर 13 दिनों की रोक के औचित्य को लेकर प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा। कोर्ट का जोर इस बात पर रहा कि किसी इलाके में इतने लंबे समय तक शराब की बिक्री रोकने के फैसले के पीछे ठोस वजह और स्पष्ट आधार होना चाहिए।
13 दिन की प्रस्तावित पाबंदी में किया गया बदलाव
कोर्ट की आपत्ति के बाद पुणे के जिला प्रशासन की ओर से शराबबंदी की अवधि में बदलाव किया गया। संशोधित व्यवस्था के तहत 14 सितंबर को शाम 4 बजे तक शराब की बिक्री पर रोक रहेगी। इसके अलावा 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन भी ड्राई डे रखा जाएगा।
गणेश उत्सव के मद्देनजर लिया गया था फैसला
दरअसल, पुणे में गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर निकलते हैं और विभिन्न इलाकों में सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी दौरान कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। हालांकि, 13 दिनों की लगातार पाबंदी को लेकर अदालत ने इसकी अवधि और जरूरत पर सवाल खड़े किए।
अब बदली गई शराबबंदी की व्यवस्था
बॉम्बे हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद प्रशासन ने पहले प्रस्तावित लंबी शराबबंदी में बदलाव किया है। इससे गणेश उत्सव के दौरान शराब बिक्री पर रोक तो रहेगी, लेकिन पूरे 13 दिनों तक लगातार दुकानें बंद रखने की व्यवस्था नहीं होगी।